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हाईकोर्ट : बाहुबली मुख्तार अंसारी के नजदीकियों को राहत, उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर लगी रोक

Thu, 09 Feb 2023 09:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 Feb 2023 09:32 PM IST
सार

कोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति डा कौशल जयेंद्र ठाकर तथा न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने गौस मोहिउद्दीन अंसारी व अन्य की अर्जी पर दिया है। अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी व अजय कुमार श्रीवास्तव ने बहस की।

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Relief to those close to Bahubali Mukhtar Ansari, ban on coercive action
Prayagraj : माफिया मुख्तार अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर के ऊसरचट्टी कांड में 21 साल बाद आरोपित गौस मोहिउद्दीन अंसारी व दो अन्य को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि घटना के 21 साल बाद दर्ज मामले की पुलिस विवेचना करना चाहती है तो जारी रखे, याचियों से चार हफ्ते के भीतर पूछताछ कर ले, किंतु अगली सुनवाई की तारीख तक इन पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाय। याचिका की अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी।

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कोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति डा कौशल जयेंद्र ठाकर तथा न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने गौस मोहिउद्दीन अंसारी व अन्य की अर्जी पर दिया है। अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी व अजय कुमार श्रीवास्तव ने बहस की।

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मालूम हो की 2001मे ऊसरचट्टी में हुए हमले में तीन लोगों की मौत व कई के घायल होने की घटना की मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह गैंग के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई। तीन मरने वालों में एक अज्ञात व्यक्ति विहार का था। विहार का निवासी 21 साल बाद पुलिस के पास आया और 2001 की घटना को लेकर बयान दिया। जिसमें याचियों को पूर्व विधायक में बाहुबली मुख्तार अंसारी का नजदीकी बता घटना में लिप्त बताया। जिसको लेकर गाजीपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

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कोर्ट ने कहा याचियों पर मानव वध का आरोप है। जबकि वे हत्या के आरोपी हैं। घटना के 21 साल बाद अग्रिम जमानत के लिए उन्हें कोर्ट आने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए पुलिस को पूछताछ करने की छूट दी है। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को नोटिस भी जारी किया है। अर्जी की सुनवाई 13 मार्च को होगी।

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