{"_id":"6043da5e136f6613de0f36fb","slug":"relief-caste-certificate-already-available-in-assistant-professor-application-also-valid","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : असिस्टेंट प्रोफेसर आवेदन में पहले से उपलब्ध जाति प्रमाणपत्र भी मान्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : असिस्टेंट प्रोफेसर आवेदन में पहले से उपलब्ध जाति प्रमाणपत्र भी मान्य
Sun, 07 Mar 2021 01:09 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 07 Mar 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या 46 के तहत एक विषय भूगर्भ विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर के एक पद और विज्ञापन संख्या-50 के तहत 49 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती के लिए जारी आवेदन प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाणपत्र के मामले में राहत दी गई है। आवेदन के लिए वर्तमान में उपलब्ध जाति प्रमाणपत्र भी मान्य होगा, लेकिन इंटरव्यू में उन्हें उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की ओर से दिए गए नए प्रारूप के आधार पर प्रमाणपत्र बनवाकर प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ ही होम साइंस विषय के अंत:संबद्ध यानी एलॉएड विषयों के अभ्यर्थियों को भी आयोग ने राहत प्रदान की है।
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 फरवरी को शुरू हुई थी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जो प्रारूप दिया गया था, उसे बनवाने में अभ्यर्थियों को एक माह से अधिक समय लग सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से दिए गए प्रारूप पर बने प्रमाणपत्र को अपलोड करना है, जबकि अभ्यर्थियों के पास आवेदन के लिए एक माह का वक्त है। अभ्यर्थियों ने आयोग को इस समस्या से अवगत कराया था। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के पास वर्तमान में जो जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध है, उसे ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। आयोग की ओर से दिए गए प्रारूप पर बना हुआ नवीनतम तिथि का जाति प्रमाणपत्र साक्षात्कार के समय प्रस्तुत कराना होगा।
इसके अलावा आयोग की विशेषज्ञ समिति ने असिस्टेंट प्रोफेसर होम साइंस के अंत:संबद्ध विषयों फूड एंड न्यूट्रीशन, क्लाथिंग टेक्सटाइल्स, ह्यूमन डेवलपमेंट, फैमिली रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए अर्ह माना था, लेकिन लिपिकीय त्रुटि के कारण फैमिली रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थी आवेदन के लिए अनर्ह हो गए थे। अभ्यर्थियों ने आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस समस्या का निराकरण भी कर दिया गया है। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थियों को भी आवेदन के लिए अर्ह घोषित कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 25 फरवरी को शुरू हुई थी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जो प्रारूप दिया गया था, उसे बनवाने में अभ्यर्थियों को एक माह से अधिक समय लग सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से दिए गए प्रारूप पर बने प्रमाणपत्र को अपलोड करना है, जबकि अभ्यर्थियों के पास आवेदन के लिए एक माह का वक्त है। अभ्यर्थियों ने आयोग को इस समस्या से अवगत कराया था। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के पास वर्तमान में जो जाति प्रमाणपत्र उपलब्ध है, उसे ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। आयोग की ओर से दिए गए प्रारूप पर बना हुआ नवीनतम तिथि का जाति प्रमाणपत्र साक्षात्कार के समय प्रस्तुत कराना होगा।
विज्ञापन
इसके अलावा आयोग की विशेषज्ञ समिति ने असिस्टेंट प्रोफेसर होम साइंस के अंत:संबद्ध विषयों फूड एंड न्यूट्रीशन, क्लाथिंग टेक्सटाइल्स, ह्यूमन डेवलपमेंट, फैमिली रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए अर्ह माना था, लेकिन लिपिकीय त्रुटि के कारण फैमिली रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थी आवेदन के लिए अनर्ह हो गए थे। अभ्यर्थियों ने आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस समस्या का निराकरण भी कर दिया गया है। आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार रिसोर्सेज मैनेजमेंट/होम मैनेजमेंट और एक्सटेंशन एजूकेशन के अभ्यर्थियों को भी आवेदन के लिए अर्ह घोषित कर दिया गया है।
विज्ञापन