{"_id":"5a4fd8fb4f1c1b44198b51a2","slug":"record-break-winter-friday-s-coldest-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिकार्ड तोड़ सर्दी, शुक्रवार सीजन का सबसे ठंडा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिकार्ड तोड़ सर्दी, शुक्रवार सीजन का सबसे ठंडा दिन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 06 Jan 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमालय और हिमाचल की बर्फबारी गंगा के मैदानी इलाकों में शीतलहर का कारण बनी है। हर दिन पारा लुढ़कने से कोहरा कहर बरपा रहा है। बृहस्पतिवार रात और शुक्रवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। गलन बढ़ने से दिन में निकली धूप बेअसर रही। माघ मेला क्षेत्र में शाम से ही कोहरा छा गया। सड़कों पर धुंध से दृश्यता कम रही। वहीं ठंड से इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में 11 लोगों की मौत हो गई।
बर्फीली पश्चिमी हवाएं और घना कोहरा कहर बरपा रहा है। बीच-बीच में पुरवइया का झोंका बादलों के साथ हर दिन गलन बढ़ा रहा है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम पारा तो कुछ कम लेकिन न्यूनतम पारा डेढ़ डिग्री लुढ़क गया। आर्द्रता का अधिकतम स्तर 100 पर टिकी है। इस कारण वातावरण में नमी ठंड का प्रकोप बढ़ा रही है। पेड़ों की पत्तियों से ओस और कुहासे का वर्षण पानी की तरह टपकता रहा। शेड और गुमटियों की छत तथा वाहनों पर कुहासे का साफ प्रभाव दिखा। पिछले वर्ष 2017 में 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को धूप खिली लेकिन शीतलहर तारी रही। ठंडी हवाओं से दिन में भी हाथ पैर गलन से सुन्न हो रहे थे। सुबह और शाम के वक्त दृश्यता न के बराबर रही। गंगा के मैदानी इलाकों में शाम पांच बजे से छाई धुंध 7 बजे के करीब घने कोहरे में बदल गई। शहरी इलाकों में भी कोहरे का प्रभाव दृश्यता घटाने में सहायक रहा। कोहरे के दौरान हाईवे और शहर की सड़कों पर निकले वाहन चालक इंडीकेटर और हेडलाइट जलाकर निकले।
शीतलहर और गलन से लोगों की हड्डियां तक कांपीं। बिना काम के लोग खुले में निकलने से कतराते रहे। धूप सेंकने का लालच भी तीखी सर्द हवाओं से भटक गया। बाहर निकले लोगों ने दिन में ही शरीर पर स्वेटर के साथ जैकेट पहने। अधिकतर लोग दस्ताने, टोपी, मफलर लगाए रहे। शाम को हाड़ कंपाने वाली ठंड से निजात पाने को लोग अलाव के इर्दगिर्द घेरा बनाए रहे। घरों में लोग ब्लोवर और हीटर के सामने बैठे रहे। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक तापमान अभी और लुढ़केगा। पश्चिम की हवाओं का जोर तकरीबन एक सप्ताह पारा गिराएगा। फिर धूप तो खिलेगी लेकिन शीतलहर से निजात नहीं मिलने की संभावना बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बर्फीली पश्चिमी हवाएं और घना कोहरा कहर बरपा रहा है। बीच-बीच में पुरवइया का झोंका बादलों के साथ हर दिन गलन बढ़ा रहा है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम पारा तो कुछ कम लेकिन न्यूनतम पारा डेढ़ डिग्री लुढ़क गया। आर्द्रता का अधिकतम स्तर 100 पर टिकी है। इस कारण वातावरण में नमी ठंड का प्रकोप बढ़ा रही है। पेड़ों की पत्तियों से ओस और कुहासे का वर्षण पानी की तरह टपकता रहा। शेड और गुमटियों की छत तथा वाहनों पर कुहासे का साफ प्रभाव दिखा। पिछले वर्ष 2017 में 12 जनवरी को न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को धूप खिली लेकिन शीतलहर तारी रही। ठंडी हवाओं से दिन में भी हाथ पैर गलन से सुन्न हो रहे थे। सुबह और शाम के वक्त दृश्यता न के बराबर रही। गंगा के मैदानी इलाकों में शाम पांच बजे से छाई धुंध 7 बजे के करीब घने कोहरे में बदल गई। शहरी इलाकों में भी कोहरे का प्रभाव दृश्यता घटाने में सहायक रहा। कोहरे के दौरान हाईवे और शहर की सड़कों पर निकले वाहन चालक इंडीकेटर और हेडलाइट जलाकर निकले।
विज्ञापन
शीतलहर और गलन से लोगों की हड्डियां तक कांपीं। बिना काम के लोग खुले में निकलने से कतराते रहे। धूप सेंकने का लालच भी तीखी सर्द हवाओं से भटक गया। बाहर निकले लोगों ने दिन में ही शरीर पर स्वेटर के साथ जैकेट पहने। अधिकतर लोग दस्ताने, टोपी, मफलर लगाए रहे। शाम को हाड़ कंपाने वाली ठंड से निजात पाने को लोग अलाव के इर्दगिर्द घेरा बनाए रहे। घरों में लोग ब्लोवर और हीटर के सामने बैठे रहे। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक तापमान अभी और लुढ़केगा। पश्चिम की हवाओं का जोर तकरीबन एक सप्ताह पारा गिराएगा। फिर धूप तो खिलेगी लेकिन शीतलहर से निजात नहीं मिलने की संभावना बनी है।
विज्ञापन