{"_id":"632364728044545fff1df46a","slug":"recommendation-to-suspend-the-accountant-posted-in-dpro-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"करोड़ों की हेराफेरी : डीपीआरओ कार्यालय में तैनात लेखाकार को निलंबित करने की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
करोड़ों की हेराफेरी : डीपीआरओ कार्यालय में तैनात लेखाकार को निलंबित करने की संस्तुति
Thu, 15 Sep 2022 11:14 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 15 Sep 2022 11:14 PM IST
सार
आरोपी लेखाकार ने सीडीओ और डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर करके भुगतान करा लिए थे। बैंक के अफसरों तथा कर्मचारियों की मिलीभगत से उसने तीन बार में 90 लाख रुपये निकाल लिए थे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एक करोड़ रुपये से अधिक के गबन के आरोपी डीपीआरओ कार्यालय में तैनात लेखाकार मदन गोपाल गौड़ को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। डीपीआरओ की ओर से इस संस्तुति के साथ पूरी रिपोर्ट निदेशक आंतरिक लेखा को भेज दी गई है। स्वच्छता मिशन योजना में 2014 में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई थी।
विज्ञापन
आरोपी लेखाकार ने सीडीओ और डीपीआरओ के फर्जी हस्ताक्षर करके भुगतान करा लिए थे। बैंक के अफसरों तथा कर्मचारियों की मिलीभगत से उसने तीन बार में 90 लाख रुपये निकाल लिए थे। चौथी किस्त के लिए भी उसने फाइल लगाई थी लेकिन पकड़ में आ गया।
विज्ञापन
आर्थिक अपराध शाखा (ईडब्ल्यू) पूरे मामले की जांच कर रही है। इसमें बैंक कर्मियों को आरोपी बनाया गया है। इसी क्रम में ईओडब्ल्यू की टीम ने बुधवार को छापेमारी करते हुए आरोपी लेखाकार को कोषागार परिसर से पकड़ा था, जिसे बाद में जेल भेज दिया गया। अब विभाग की ओर से भी लेखाकार के निलंबन की संस्तुति की गई है। डीपीआरओ आलोक कुमार सिन्हा ने बताया कि रिपोर्ट निदेशक आंतरिक लेखा को भेज दी गई है।
विज्ञापन
विभागीय जांच में दे दी गई थी क्लीन चिट
2014 में गबन की बात सामने आने के बाद मदन गोपाल के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई थी लेकिन आरोपी को क्लीन चिट दे दी गई थी। अब ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी के बाद उस जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।