Ravendra Murder Case : रावेंद्र हत्याकांड के आरोपियों को पनाह देने वाले छह गिरफ्तार, पुलिस की सात टीमें गठित
रोडवेज चालक रावेंद्र कुमार उर्फ मुन्नू की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने छह पनाहगारों को गिरफ्तार किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद इन्होंने आरोपियों को छिपने का ठिकाना दिया था। धूमनगंज पुलिस ने केस दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है।
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रोडवेज चालक रावेंद्र कुमार उर्फ मुन्नू की हत्या के मामले में शुक्रवार को पुलिस ने छह पनाहगारों को गिरफ्तार किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद इन्होंने आरोपियों को छिपने का ठिकाना दिया था। धूमनगंज पुलिस ने केस दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया है। नीमसराय निवासी रोडवेज चालक रावेंद्र कुमार मंगलवार दोपहर मुंडेरा चुंगी पेट्रोल पंप पर बस में तेल भरवाने गए थे। वहां पहले से मौजूद हसैनन, उसके भाई नुरैन, अली, कामरान, इरफान, हुसैन, कैफ समेत अन्य से उनका विवाद हो गया। इसके बाद सिर पर पत्थर मारकर रावेंद्र की हत्या कर दी गई।
मामले में लापरवाही के आरोप में अधिकारियों ने पहले ही चौकी प्रभारी और धूमनगंज थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की सात टीमें लगाई गई हैं।
बृहस्पतिवार को पुलिस को पता चला कि कई करीबियों व रिश्तेदारों ने वारदात के बाद हत्यारोपियों को पनाह दी थी। पुलिस ने नवाबगंज निवासी मेराज अहमद, नीमसराय मुंडेरा मंडी निवासी शमशाद अहमद, उसके बेटे सुभान अहमद, एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के नसीमपुर सिलना निवासी शमीम अहमद और मरियाडीह निवासी हारिश व असजद को गिरफ्तार किया है।
मोबाइल पर हुई थी बातचीत
पुलिस जांच में पता चला कि पकड़े गए आरोपियों से सभी हत्यारोपियों ने वारदात से पहले और बाद में मोबाइल पर बात की थी। साथ ही इनके घर भी पहुंचे थे। यही नहीं क्षेत्र से बाहर भागने के लिए भी मदद ली थी। थाना प्रभारी धूमनगंज राजेश उपाध्याय ने बताया कि हत्यारोपियों को पनाह देने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
सभी 11 आरोपी पकड़ से दूर
घटना के चार दिन बीतने के बावजूद सभी 11 आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए सात टीमों का गठन किया गया है। इनमें एडीसीपी, एसीपी से लेकर कई थाना प्रभारी शामिल हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिवार व रिश्तेदारों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
सरेराह मीडियाकर्मी की हत्या से कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में धरना स्थल पुलिस चौकी से महज 150 व थाने से 500 मीटर की दूरी पर मीडियाकर्मी लक्ष्मी नारायण सिंह (48) की चाकू से गोदकर हत्या ने कमिश्नरेट पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह वारदात सिविल लाइंस जैसे शहर के सबसे पॉश इलाके में हुई जहां दिनभर भीड़भाड़ रहती है और वीवीआईपी मूवमेंट आम बात है। बड़ी बात यह है कि घटनास्थल के पास स्थित थाने के पास ही एडिशनल डीसीपी नगर का कार्यालय भी है।
इसके बावजूद हमलावरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। बता दें कि तीन दिन पहले ही धूमनगंज में संविदा रोडवेज बस चालक रावेंद्र कुमार उर्फ मुन्नू की ईंट से हमला कर हत्या कर दी गई थी। शहर में एक के बाद एक हो रहीं हत्या की वारदातों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।