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गरीबों को राशन वितरण शुरू, सामाजिक दूरी बनाना चुनौती

Thu, 02 Apr 2020 12:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 02 Apr 2020 12:37 AM IST
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Ration distribution to the poor started, making social distance a challenge
बाई का बाग इलाके में लाकडाउन के दौरान सरकारी राशन की दुकान में सामान लेने को जुटी भीड़। इस दौरान लाइन में लगे लोगों ने निर्धारित दूरी का भी ध्यान नहीं रखा। - फोटो : prayagraj
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  •  भीड़ हटाने के लिए करना पड़ा बल प्रयोग, सुबह छह के बजाय कई जगहों पर 10 बजे के बाद खुली दुकानें
  • सर्वर डाउन रहने की भी शिकायत, रुका रहा वितरण, सैनिटाइज-साबुन की व्यवस्था भी नहीं 
अंत्योदय कार्डधारकों तथा मजदूरों को मुफ्त राशन का वितरण बुधवार को शुरू हुआ। दावों के विपरीत कोटे की कई दुकानों पर सर्वर डाउन रहने की शिकायत रही तो सामाजिक दूरी बनाए रखने के प्रावधान की खुलकर धज्जियां भी उड़ीं। सदर बाजार में एक केंद्र पर तो भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस को बल प्रयोग तक करना पड़ा। इतना ही नहीं वितरण सुबह छह बजे से ही शुरू हो जाना था, लेकिन कई दुकानें अफसरों से शिकायत पर 10 बजे के बाद खुलीं।


कार्डधारकों का सुबह से ही दुकानों पर पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। इसके विपरीत रसूलाबाद, कटरा समेत ज्यादातर बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। केंद्रों पर मौजूद सिविल डिफेंस के लोगों ने एसडीएम, तहसीलदार आदि अफसरों से इसकी शिकायत की, तब दुकानें खोली गईं। सदर बाजार में दुकान नहीं खुलने पर लोगों ने कंट्रोल रूम में शिकायत की। इसके बाद आननफानन में कोटेदार ने दुकान खोली। जार्जटाउन डीसीएफ  पर काफी भीड़ थी। पूछने पर कोटेदार ने बताया कि वितरण बंद कर दिया गया है। मशीन में स्टाक शून्य दिखा रहा है।
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सर्वर डाउन रहने की शिकायत पूरे जिले में कई दुकानों पर रही। ई-पॉश मशीन में प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 सेकेंड में राशन वितरण की अनुमति मिल जानी चाहिए, लेकिन सर्वर डाउन रहने से इसमें समय लग रहा था। इसकी वजह से राशन वितरण में बाधा आई और कई जगहों पर लोगों को वापस कर दिया गया। 
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राशन वितरण के दौरान सबसे बड़ी चुनौती सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने की रही। खासतौर पर, शहरी क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें घनी बस्तियों में हैं। ऐसे में कई दुकानों पर भीड़ रही। पुलिस तथा सिविल डिफेंस के सदस्यों ने कार्डधारकों के बीच दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन कई जगहों पर पर्याप्त जगह भी नहीं थी। इसके अलावा कई दुकानों पर साबुन तथा सैनिटाइजर की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में बिना हाथ धुले ही ई-पॉश मशीन के इस्तेमाल की शिकायत हुई। शिकायत पर या निरीक्षण के लिए पहुंचे अफसरों ने साबुन, पानी तथा सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई। 

दुकानों के निरीक्षण में लगा अमला
राशन वितरण को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि पूरा प्रशासनिक अमला इस काम में जुटा रहा। खाद्य आपूर्ति विभाग के अलावा सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बीडीओ तथा अन्य स्टाफ निरीक्षण में लगा रहा। इनके अलावा हर केंद्र पर पुलिस तथा सिविल डिफेंस के सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई थी। रविशंकर द्विवेदी, सुधीर सक्सेना, एलके अहेरवार, प्रमोद भारतीया, महेंद्र सक्सेना, डॉ.रमा सिंह, राजीव भनोट, प्रशांत, सुमित, रविनेश आदि तैनात रहे।



यूनिट से कम राशन देने की शिकायत
कई दुकानों पर यूनिट से कम राशन दिए जाने की भी शिकायत रही। इसे लेकर लोगों ने कालाबाजारी का आरोप लगा। कटरा की सीमा पाल का कहना था कि उन्हें तीन के बजाय दो यूनिट का ही राशन दिया जा रहा था। जीरो रोड के इरशाद उल्ला ने भी कई लोगों को एक यूनिट कम राशन दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने एडीएम नागरिक आपूर्ति से इसकी शिकायत की। इससे अलग कई जगहों पर आधार कार्ड लिंक नहीं होने की वजह से भी लोगों को कम राशन मिला। बेली की माया के परिवार में छह लोग हैं। सभी का नाम भी कार्ड में दर्ज है लेकिन राशन पांच का ही मिला। एक सदस्य का आधार कार्ड लिंक नहीं था। इस तरह की शिकायत कई अन्य लोगों की भी रही।

15 से 20 हजार मजदूरों का बनेगा राशन कार्ड
सरकार ने लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हुए मजदूरों एवं गरीबों को मुफ्त राशन देने की घोषणा की है, लेकिन राशन उन्हें ही मिलेगा जिनका पहले से कार्ड बना हो। साथ ही श्रम एवं विकास विभाग में पंजीकरण हो या मनरेगा के सक्रिय सदस्य हों। इसके विपरीत हजारों मजदूर ऐसे हैं, जो इन विभागों में पंजीकृत तो हैं, लेकिन राशन कार्ड नहीं बना है। ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है। उनके नए सिरे से राशन कार्ड बनाए जाएंगे। पहले चरण में 15 से 20 हजार मजदूरों को लाभ मिलने की बात कही जा रही है।


कंट्रोल रूम पर मंडलायुक्त ने देखी अव्यवस्था
मंडलायुक्त आर.रमेश कुमार ने बुधवार को फतेहपुर का दौरा किया तथा कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों का जायजा लिया। इससे पहले रास्ते में उन्होंने प्रयागराज में राशन वितरण का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ आईजी केपी सिंह भी मौजूद रहे। सुलेमसराय के एक कंट्रोल रूम पर उन्होंने खुद अव्यवस्था देखी। दुकान पर काफी भीड़ लगी थी। अचानक मंडलायुक्त और आईजी के पहुंचने से वहां हड़कंप मच गया। बताया गया कि सर्वर ही काम नहीं कर रहा है। इसकी वजह से राशन वितरण नहीं हो पा रहा। अफसरों ने जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश के साथ कार्रवाई की चेतावनी दी।
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