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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ram Mandir: Another Ayodhya is situated in Prayagraj, Ram, Lakshman and Sita are there in every house.

Ram Mandir : प्रयागराज में बसी है एक और अयोध्या, हर घर में हैं राम-लक्ष्मण और सीता

Thu, 18 Jan 2024 04:30 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 18 Jan 2024 04:30 PM IST
सार

यहां के लोगों की मान्यता है कि श्री राम शिव के अराध्य हैं और भगवान शिव राम के। इस कारण यहां पर भगवान शिव की पूजा होगी। इसके अलावा पूरे गांव में दीपोत्सव का आयोजन होगा। इस गांव के इतिहास को जानने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने यहां खोदाई भी कराई थी।

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Ram Mandir: Another Ayodhya is situated in Prayagraj, Ram, Lakshman and Sita are there in every house.
अयोध्या राम मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश में अयोध्या एक नहीं बल्कि दो है। एक जहां भगवान श्रीराम का जन्म हुआ, और दूसरी प्रयागराज के यमुनापार के पठारी इलाके कोरांव में बसी है। जहां हर घर में राम-लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघन और राजा दशरथ हैं। सदियों से यहां पर जन्म लेने वाले बच्चे का नाम सीताराम, रामाश्रय, राम गरीब, राधेश्याम सहित अन्य देवी-देवताओं के नाम पर रखा जाता है। करीब तीन हजार आबादी के इस गांव में हर जात-धर्म के लोग रहते हैं। यहां लोग एक परिवार की तरह रहते हैं। हर एक तीज-त्योहार लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं।

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जब कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के हक में फैसला सुनाया था, तब पूरा देश खुशी मना रहा था। वहीं अयोध्या गांव में लोग राम कथा में मग्न थे। यहां भगवान शिव का मंदिर स्थापित है। जहां भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन भोले बाबा का भव्य पूजन-अर्चन होगा। यहां के लोगों की मान्यता है कि श्री राम शिव के अराध्य हैं और भगवान शिव राम के। इस कारण यहां पर भगवान शिव की पूजा होगी। इसके अलावा पूरे गांव में दीपोत्सव का आयोजन होगा। इस गांव के इतिहास को जानने के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने यहां खोदाई भी कराई थी।
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तब नदी के किनारे स्थित प्राचीन मंदिर की मूर्तियां खोदाई में मिली थीं। जिसमें भगवान शंकर, राम-लक्ष्मण, सीता की मूर्तियां थीं। इनमें कई मूर्तियां खंडित भी थीं। इसके अलावा कुछ शिलालेख भी मिले थे, जिन्हें पुरातत्व विभाग अपने साथ ले गए। प्रयागराज नगर से 70 किमी दूर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर बेलन नदी के तट पर अयोध्या गांव बसा है। कोरांव तहसील मुख्यालय से लगभग 10 किमी दूर स्थित अयोध्या गांव से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 135 सी गुजरता है।

शिक्षा के मामले में अव्वल

इस गांव की तरीबन 60 फीसदी आबादी के लोग शिक्षक हैं। बाकी 20 फीसदी आबादी में मिलिट्री और पैरामिलिट्री में लोग अपने सेवाएं दे रहे हैं। तुलसीराम त्रिपाठी के मुताबिक यहां अयोध्या अपने शाब्दिक अर्थ को चरितार्थ कर रहा है। जिस रियासत में यह गांव आता था, उसके द्वारा नामकरण हुआ था, ऐसा पूर्वजों ने बताया था।

योधम न सत्यत्ते से अयोध्या अर्थात जिसे युद्ध में जीता न जा सके, वह अयोध्या है। यहां पर हर व्यक्ति के नाम देवी-देवता के नाम पर हैं। नाम पर किसी का विशेषाधिकार नही है। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन यहां पर दीपोत्सव व हवन, पूजन-पाठ होगा। - मणिराम शुक्ल, ग्राम प्रधान, अयोध्या, कोरांव, प्रयागराज

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