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रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय : मूल्यांकन प्रक्रिया बदलने से घटे नंबर, छात्रों का हंगामा

Fri, 13 Aug 2021 08:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 13 Aug 2021 08:08 PM IST
सार

  • बीएड के छात्रों ने राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति दफ्तर का दिनभर किया घेराव
  • हालात बिगडने पर प्रशासन ने संभाला मोर्चा, वीसी से वार्ता के बाद शांत हुआ मामला

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Rajju Bhaiya State University: Number of students decreased due to change in evaluation process
prayagraj news: Rajju Bhaiya State University Prayagraj - फोटो : prayagraj

विस्तार

प्रायोगिक परीक्षा में मूल्यांकन का तरीके बदले जाने से प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों में बीएड तृतीय सेमेस्टर के छात्रों को इस बार काफी अंक मिले। इससे नाराज सैकड़ों छात्र शुक्रवार सुबह एमजी मार्ग स्थित राज्य विवि के कैंपस में पहुंच गए और कुलपति कार्यालय का घेराव शुरू कर दिया। मामला बिगडने पर प्रशासन और पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। आठ घंटे बाद कुलपति और छात्रों के बीच वार्ता हुई। मामला तो शांत हो गया, लेकिन छात्र वार्ता से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना है कि सोमवार को विश्वविद्यालय खुलने पर फिर आएंगे और जब तक उन्हें राहत नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे।
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सत्र 2019-21 के बीएड तृतीय सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षा 500 अंकों की होती है। इसमें 200 अंक थ्योरी और 300 अंक प्रैक्टिकल के होते हैं। अब तक प्रैक्टिकल के अंक कॉलेज की ओर से प्रदान किए जाते थे लेकिन इस बार कोविड के कारण निर्णय लिया गया कि 120 अंकों के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन कॉलेज करेंगे और इनमें अधिकतम 80 फीसदी अंक ही छात्रों को दिए जाएंगे, जबकि बाकी 180 अंकों के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन लिखित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर होगा।
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थ्योरी की परीक्षा मार्च में ही करा दी गई थी। प्रैक्टिकल में छात्रों का काफी कम अंक मिले। उनका कहना है कि पहले प्रैक्टिकल में जहां 300 में से 280, 285 अंक तक मिल जाते थे, वहीं इस बार ज्यादातर छात्रों को 200 से कम अंक मिले हैं, क्योंकि थ्योरी के आधार पर राज्य विवि ने जो मूल्यांकन किया है, उसमें विसंगति के कारण प्रैक्टिकल के अंक भी काफी कम हो गए हैं।

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छात्र मांग कर रहे हैं कि तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त की जाए या उनके अंक संशोधित किए जाएं। छात्रों का कहना है कि मूल्यांकन का तरीका बदलने के कारण उनका भविष्य चौपट हो जाएगा। छात्र सुबह सीपीआई कैंपस स्थित राज्य विवि पहुंचे तो उस वक्त कुलपति नैनी स्थित विश्वविद्यालय परिसर में थे। हंगमा बढने पर सीपीआई कैंपस में पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई।

दिनभर चले हंगामे के बाद कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने शाम को सीपीआई कैंपस पहुंचे और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में छात्रों से वार्ता की। आधे घंटे तक चली वार्ता के बाद मामला तो शांत हो गया, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं थे। छात्रों का कहना है कि अगर उनके अंकों में सुधार के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो सोमवार को परिसर में फिर से प्रदर्शन करेंगे। कुलपति से वार्ता के दौरान छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में आशुतोष पांडेय, अंजनी, विकास, अनुज तिवारी, राजेश सिंह, अनुपम पांडेय शामिल रहे।

‘कोविड के मद्देनजर शासन से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार मूल्यांकन किया गया। कुलपति ने छात्रों को आश्वासन दिया है कि अगर वे अंकों से संतुष्ट नहीं हैं तो रिव्यू के लिए आवेदन दे सकते हैं। जो भी निर्णय होगा,ख् छात्रों के हित में होगा।’ डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव, पीआरओ, राज्य विश्वविद्यालय

चौथे सेमेस्टर में भी विवाद के आसार
छात्रों का दावा है कि राज्य विवि प्रशासन की ओर से चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में भी मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव किया गया है। इससे फिर विवाद होगा। छात्रों कहना है कि चौथे सेमेस्टर की परीक्षा भी 500 अंकों की होती है। इसमें भी थ्योरी में मिले अंकों के आधार पर 160 अंकों के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन होगा, जबकि 220 अंकों के प्रैक्टिकल का मूल्यांकन कॉलेज करेंगे।

राज्य विवि में 16 से ऑफलाइन कक्षाएं
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालयों में 16 अगस्त से ऑफलाइन मोड में कक्षाओं का संचानल शुरू कर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग के आदेश पर कुलपति प्रो. अखिलेश सिंह ने बैठक कर ऑफलाइन कक्षाओं के संचालन की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय कोविड-19 के सक्रिय मामलों में कमी आने पर लिया गया है।


यूजी और पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नत किया गया है। द्वितीय वर्ष के छात्रों के लिए 15 अगस्त को विश्वविद्यालय खोल दिया जाएगा। स्वाधीनता दिवस के अवसर पर अमृत महोत्सव मनाए जाने के बाद 16 अगस्त से नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के जिन छात्रों की वर्ष 2020-21 में परीक्षाएं हुईं हैं, उनका रिजल्ट 31 अगस्त तक घोषित हो जाएगा। परास्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाएं 13 सितंबर से शुरू होंगी। शनिवार और रविवार को विश्वविद्यालय एवं संघटक कालेज बंद रहेंगे।

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