{"_id":"5daf4c9d8ebc3e93c95f3474","slug":"rajju-bhaiya-state-university-allahabad-allahabad-news-ald2582530130","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य विवि में कुछ कर्मचारियों की गई नौकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य विवि में कुछ कर्मचारियों की गई नौकरी
विज्ञापन
Rajju Bhaiya State University Allahabad
एजेंसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग पर रखे गए थे
विरोध में कुलपति कार्यालय का घेराव, एक बेहोश
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग पर रखे गए कुछ कर्मचारियों की नौकरी चले जाने से मंगलवार को वहां काफी हंगामा हुआ। कर्मचारियों ने विरोध में कुलपति कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन भी किया। इस दौरान एक कर्मचारी बेहोश हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राज्य विवि में एजेंसी के माध्यम से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद पर कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखा गया था। एजेंसी से एक साल का करार था। एक साल बीतने के बाद एजेंसी बदली गई तो कार्यालय में प्रदर्शन के आधार एजेंसी ने कुछ कर्मचारियों को तो नौकरी पर रखा और कुछ को बाहर कर दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय का घेराव और नारेबाजी की। इस दौरान एक कर्मचारी बेहोश होकर गिर पड़ा। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कर्मचारियों की बात सुनी और उन्हें बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एजेंसी सीधे रखती है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
विज्ञापन
विरोध में कुलपति कार्यालय का घेराव, एक बेहोश
प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग पर रखे गए कुछ कर्मचारियों की नौकरी चले जाने से मंगलवार को वहां काफी हंगामा हुआ। कर्मचारियों ने विरोध में कुलपति कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन भी किया। इस दौरान एक कर्मचारी बेहोश हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राज्य विवि में एजेंसी के माध्यम से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद पर कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखा गया था। एजेंसी से एक साल का करार था। एक साल बीतने के बाद एजेंसी बदली गई तो कार्यालय में प्रदर्शन के आधार एजेंसी ने कुछ कर्मचारियों को तो नौकरी पर रखा और कुछ को बाहर कर दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय का घेराव और नारेबाजी की। इस दौरान एक कर्मचारी बेहोश होकर गिर पड़ा। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कर्मचारियों की बात सुनी और उन्हें बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को एजेंसी सीधे रखती है। इसमें विश्वविद्यालय प्रशासन की कोई भूमिका नहीं है।
विज्ञापन