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यूपीपीएससी की सीबीआई जांच से हटे राजीव रंजन

Sun, 18 Nov 2018 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Updated Sun, 18 Nov 2018 02:08 AM IST
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Rajeev Ranjan, who left the UPA probe
uppsc
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सीबीआई जांच का नेतृत्व कर रहे आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन अब जांच से हट गए हैं। वह सिक्किम कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर आए थे। प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद सरकार ने विस्तार देने के बजाय उन्हें सिक्किम वापस भेज दिया है। हालांकि उनके नेतृत्व में 11 माह तक चली जांच के दौरान सीबीआई को आयोग की कई बड़ी परीक्षाओं में धांधली के अहम सुराग मिले। अभ्यर्थियों को आशंका है कि उनके हटने से जांच प्रभावित होगी।
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आईपीएस अधिकारी राजीव रंजन के नेतृत्व में सीबीआई टीम ने इस साल जनवरी के पहले सप्ताह से जांच शुरू की थी। इस दौरान जांच एजेंसी को पीसीएस परीक्षा-2011, पीसीएस परीक्षा-2015, एपीएस परीक्षा-2010 समेत कई परीक्षाओं में धांधली से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे। पीसीएस-2015 के मामले में सीबीआई ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया। वहीं, एपीएस-2010 के मामले में शासन और आयोग के कुछ अफसर भी सीबीआई के निशाने पर थे। इसके अलावा पीसीएस के कई चयनित अभ्यर्थियों पर भी सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। राजीव रंजन लंबे समय से सीबीआई में थे। सूत्रों का कहना है कि एक माह पहले उनकी प्रतिनियुक्ति पूरी हो चुकी थी और सीबीआई ने यूपीपीएससी की जांच के चलते प्रतिनियुक्ति बढ़ाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन प्रतिनियुक्ति नहीं बढ़ाई गई और उन्हें वापस सिक्किम भेज दिया गया।
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जांच के बीच उनके हटने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा है कि सीबीआई में जारी आंतरिक घमासान उनकी वापसी की वजह बना। वहीं, यह चर्चा भी है कि यूपीपीएससी की सीबीआई जांच के दौरान उनके हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे थे, जिसके आधार पर वह बड़ी कार्रवाई करने जा रहे थे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय ने जांच के बीच में ही राजीव रंजन को हटाए जाने पर सवाल उठाया है। अवनीश का कहना है कि 11 माह से जांच जांच का नेतृत्व कर रहे अफसर को बीच में हटाए जाने से जांच प्रभावित होगी। प्रतियोगियों को उम्मीद थी कि परीक्षा में धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सुबूत जुटाने के बाद सीबीआई अब सीधी कार्रवाई करेगी लेकिन अब जांच धीमी पड़ने की आशंका है।
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