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कुंडा में राजा भैया के पिता व प्रशासन में ठनी रार
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हथिगवां के भदरी किला गेट पर झंडा उतारने का नोटिस चस्पा कराते अधिकारी।
- फोटो : PRATAPGARH
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शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम के जुलूस के रास्ते पर मंगलवार को हनुमान मंदिर में भंडारा करने को लेकर प्रशासन व पूर्व मंत्री राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह के बीच रार ठन गई है। सोमवार की शाम शेखपुर से लेकर भदरी राजमहल पुलिस छावनी में तब्दील दिखा।
चार जिलों की पुलिस संग पीएसी लगाई गई है। हनुमान मंदिर के आसपास लगे झंडे हटवाने के लिए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भारी भरकम फोर्स के साथ उदय प्रताप सिंह से मिलने भदरी राजमहल पहुंचे। लेकिन मंदिर से झंडे हटवाने को लेकर बात नहीं बनी और अफसरों को वहां से बैरंग लौटना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि कुंडा कोतवाली के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर पर जिला प्रशासन ने धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का तर्क देते हुए भंडारे की अनुमति नहीं दी है। सोमवार को हनुमान मंदिर व भंडारा स्थल पर लगे भगवा झंडे को हटाने के लिए एसडीएम कुंडा मोहनलाल व सीओ राधेश्याम ने भदरी महल पहुंचकर नोटिस चस्पा कराया। इस बात की जानकारी होने पर उदय प्रताप सिंह ने झंडे उतारने से मना कर दिया। एसडीएम ने दोपहर दो बजे तक के लिए झंडा लगाने वाले लोगों को अल्टीमेटम दिया था।
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शाम को जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही व पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह भदरी महल पहुंचे। उन्होंने उदय प्रताप से महल के भीतर बैठकर बातचीत की। पूर्व मंत्री के पिता उदय प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से कहा कि भंडारे की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें पूजा के अधिकार से वंचित कर उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अब झंडा लगाने की बात कहां से आ गई।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि झंडे अधिक संख्या में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब एक नया विवाद पैदा किया जा रहा है। बाद में अधिकारियों को साथ लेकर उदय प्रताप सिंह हनुमान मंदिर व भंडारा स्थल पर पहुंचे। जहां फिर बातचीत हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। अंत में उदय प्रताप सिंह अपने लोगों के साथ महल चले गए और अफसर वापस कुंडा आ गए।
इसके बाद भदरी से लेकर शेखपुर तक भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर व जिले की पुलिस के साथ ही पीएसी भी लगा दी गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए बाहर से आए एएसपी व सीओ भी लगातार इलाके में घूमते रहे। एसडीएम कुंडा मोहनलाल ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्वक निकालने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। फोर्स तैनात कर दी गई है।
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चार जिलों की पुलिस संग पीएसी लगाई गई है। हनुमान मंदिर के आसपास लगे झंडे हटवाने के लिए जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक भारी भरकम फोर्स के साथ उदय प्रताप सिंह से मिलने भदरी राजमहल पहुंचे। लेकिन मंदिर से झंडे हटवाने को लेकर बात नहीं बनी और अफसरों को वहां से बैरंग लौटना पड़ा।
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उल्लेखनीय है कि कुंडा कोतवाली के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर पर जिला प्रशासन ने धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का तर्क देते हुए भंडारे की अनुमति नहीं दी है। सोमवार को हनुमान मंदिर व भंडारा स्थल पर लगे भगवा झंडे को हटाने के लिए एसडीएम कुंडा मोहनलाल व सीओ राधेश्याम ने भदरी महल पहुंचकर नोटिस चस्पा कराया। इस बात की जानकारी होने पर उदय प्रताप सिंह ने झंडे उतारने से मना कर दिया। एसडीएम ने दोपहर दो बजे तक के लिए झंडा लगाने वाले लोगों को अल्टीमेटम दिया था।
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शाम को जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही व पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह भदरी महल पहुंचे। उन्होंने उदय प्रताप से महल के भीतर बैठकर बातचीत की। पूर्व मंत्री के पिता उदय प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी से कहा कि भंडारे की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें पूजा के अधिकार से वंचित कर उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। अब झंडा लगाने की बात कहां से आ गई।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि झंडे अधिक संख्या में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब एक नया विवाद पैदा किया जा रहा है। बाद में अधिकारियों को साथ लेकर उदय प्रताप सिंह हनुमान मंदिर व भंडारा स्थल पर पहुंचे। जहां फिर बातचीत हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। अंत में उदय प्रताप सिंह अपने लोगों के साथ महल चले गए और अफसर वापस कुंडा आ गए।
इसके बाद भदरी से लेकर शेखपुर तक भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर व जिले की पुलिस के साथ ही पीएसी भी लगा दी गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए बाहर से आए एएसपी व सीओ भी लगातार इलाके में घूमते रहे। एसडीएम कुंडा मोहनलाल ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्वक निकालने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है। फोर्स तैनात कर दी गई है।