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पहाड़ी हवाओं संग बारिश का झटका

Mon, 12 Feb 2018 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 12 Feb 2018 01:25 AM IST
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Rain blow with mountain wind
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
तेज धूप के बीच रविवार को शीतोष्ण चक्रवात के कारण पहाड़ी ठंडी हवाएं मौसम बदलने का कारण बनीं। अचानक बादलों ने डेरा जमा लिया। दोपहर बाद शुरू हुई बूंदाबांदी बारिश में बदल गई। अधिकतम पारा मामूली अंतर से गिरा लेकिन न्यूनतम पारा करीब छह डिग्री सेल्सियस चढ़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक ढाई घंटे में करीब 2.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। रात में भी बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा।
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सूर्य उत्तरायण होने के साथ फरवरी में सूरज का ताप बढ़ा लेकिन शोतोष्ण चक्रवात भी सक्रिय रहा। आर्द्रता का अधिकतम स्तर पर बनी रही सो पश्चिम में भूमध्य सागर से उठा शीतोष्ण चक्रवात पूरब की ओर बढ़ने लगा। हिमालय के रास्ते चक्रवात पूरब के मैदानी इलाकों में सक्रिय है। ऐसी स्थिति में जाड़े में वर्षा की संभावना बढ़ जाती है। रविवार को अचानक चक्रवात प्रभावी हुआ तो तेज धूम मध्यम होकर नम हुई। अचानक डेरा जमाए बादल बूंदाबांदी के साथ छिटपुट बारिश करने लगे।
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रविवार तक बूंदाबांदी की संभावना जताने वाले मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक बूंदाबांदी करने वाले बादल स्थायी नहीं हैं। ये जितनी जल्दी डेरा जमाते हैं, उससे अधिक तेज जाते भी हैं, ऐसे में धूप भी निकलेगी, बादल और बारिश की संभावना बनी है। गंगा का मैदानी इलाका होने के कारण यहां बार-बार मौसम बदलने क्रम बना रह सकता है। बारिश तेज हुई तो शीतलहरी नहीं तो तेज धूप लोगों की सेहत पर असर डालेगी।
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बदले मौसम में दिल और अस्थमा पीड़ितों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ लीवर संक्रमण भी परेशान कर सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। आंखों को भी बचाना जरूरी है नहीं वे संक्रमण के कारण लाल हो सकती हैं। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक मौसम का बदलना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होता। ऐसे में सावधानी ही बचाव है। बच्चों और बुजुर्गों को कान ढंकने के साथ गर्म कपड़े पहनने चाहिए। अस्थमा रोगियों को भी बचाव के लिए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। आंखों को बचाने के लिए चश्मा लगाएं और संक्रमण न हो इसलिए नाक और कान के साथ सिर भी कम से कम सुबह -शाम के वक्त ढंक लें तो बीमारी पास नहीं फटकेगी। दिल के रोगी चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक दवा-आहार लेंगे तो सेहत के लिए ठीक होगा।
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