रेलवे : सिग्नल रूम में धुआं उठते ही बजेगा सायरन, नहीं रुकेंगे ट्रेनों के पहिए
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल के किसी भी स्टेशन के सिग्नल रूम में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी से आग लगने व पूरा रेल रूट घंटों ठप हो जाने की समस्या से जल्द ही राहत मिलेगी।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल के किसी भी स्टेशन के सिग्नल रूम में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी से आग लगने व पूरा रेल रूट घंटों ठप हो जाने की समस्या से जल्द ही राहत मिलेगी। मंडल अपने सिग्नलिंग कक्षों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने जा रहा है।
अब कमरे में आग भड़कना तो दूर, हल्का सा धुआं उठते ही ऑटोमैटिक सायरन बज उठेगा और बड़ी अनहोनी टल जाएगी। ट्रेनों की रफ्तार और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए रेलवे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय-प्रयागराज छिवकी और चुनार-चोपन रेलखंड पर यह तकनीकी पहल की है। इन दोनों व्यस्त रूटों के सभी इनडोर सिग्नलिंग रूम में आरडीएसओ प्रमाणित ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन व अलार्म सिस्टम लगाए जाएंगे।
सिग्नल रूम में 24 घंटे बेहद संवेदनशील रिले और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम काम करते हैं। नए सिस्टम के सेंसर्स शॉर्ट सर्किट या तापमान बढ़ते ही शुरुआती पलों में ही खतरा भांप लेंगे। चिंगारी के आग बनने से पहले ही अलार्म बजने से समय रहते कार्रवाई हो सकेगी और रेलवे को करोड़ों रुपये के उपकरणों के नुकसान से मुक्ति मिलेगी।
वहीं, यात्रियों को भी सिग्नल फेल होने के कारण लेटलतीफी, ट्रेनों के निरस्तीकरण और बीच रास्ते अटके रहने की मुसीबत से निजात मिलेगी। लगभग 1.90 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कार्य के लिए ई-टेंडर जारी कर 12 अक्तूबर तक आवेदन मांगे गए हैं। अनुबंध पूरा होने के बाद इस प्रोजेक्ट को 12 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।