यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से अब उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख रूट के सिग्नल संचालित होंगे। इस प्रणाली को ट्रेनों के सुरक्षित एवं संरक्षित संचालन के लिए दिल्ली-हावड़ा एवं दिल्ली-मुंबई रूट पर लगाया जाएगा। इसके लगने के बाद दो ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी हमेशा बनी रहेगी। साथ ही रेल हादसा कम होने की भी संभावना काफी कम रहेगी। इसी प्रणाली पर एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने शुक्रवार को सलाहकार रेल टेल अरुण कुमार सक्सेना एवं अन्य अफसरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की।
बताया गया कि यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम लेवल-टू आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली है, जो कि रेडियो आधारित निरंतर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसके लगने के बाद सिग्नल पासिंग एट डेंजर और ट्रेन की ओवर स्पीडिंग की संभावना काफी कम रह जाएगी। इसके माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोच में लगाए गए ऑन बोर्ड सीसीटीवी कैमरे की निगरानी सीधे कंट्रोल रूम से की जा सकेगी। पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे एनसीआर झांसी मंडल में लगाया गया था। इस आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली में लोकोमोटिव और ट्रेन सेट, ट्रैक साइड उपकरण और रेडियो ब्लॉक उपकरण शामिल होंगे, जो मोबाइल ट्रेन रेडियो संचार के माध्यम से ट्रेनों से लगातार जुड़े रहेंगे।