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रेलवे ने एक कोच की चलाई पार्सल एक्सप्रेस
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संकट के इस दौर में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित न हो इसके लिए रेलवे ने प्रयागराज से झांसी के बीच महज एक कोच की पार्सल ट्रेन चलाई। रेलवे को इस ट्रेन से चलाने में भले ही लाखों रुपये का घाटा लग रहा हो, लेकिन जीएम एनसीआर राजीव चौधरी का कहना है कि यह वक्त मुनाफा या नुकसान का नहीं है, बल्कि आवश्यक वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना ही जरूरी है।
दस अप्रैल को पार्सल एक्सप्रेस प्रयागराज से झांसी के बीच गई तो इसमें महज 7751 रुपये की ही बुकिंग हुई। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि इस ट्रेन का संचालन इसलिए किया जा रहा है कि प्रयागराज से व्यापारी चित्रकूट, बांदा, महोबा, झांसी आदि स्थानों तक सामान भेज सकें। व्यापारी चाहें तो इस ट्रेन के माध्यम से दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री यहां से भेज सकते हैं या संबंधित स्टेशनों से मंगवा भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक कोच की इस पार्सल एक्सप्रेस का संचालन 14 अप्रैल तक होना है। इसके संचालन की लागत पार्सल के मूल्य की तुलना में अधिक है। फिर भी नेशनल ट्रांसपोर्टर के रूप में रेलवे अपनी जिम्मेदारियों का निभा रहा है। सीपीआरओ के मुताबिक भारतीय रेलवे वर्तमान समय देश के 58 चिह्नित रेलमार्गों पर पार्सल एक्सप्रेस का संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान रेलवे द्वारा प्रयागराज, झांसी एवं आगरा मंडल में अब तक 3900 भोजन के पैकेट का वितरण किया जा चुका है।
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दस अप्रैल को पार्सल एक्सप्रेस प्रयागराज से झांसी के बीच गई तो इसमें महज 7751 रुपये की ही बुकिंग हुई। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि इस ट्रेन का संचालन इसलिए किया जा रहा है कि प्रयागराज से व्यापारी चित्रकूट, बांदा, महोबा, झांसी आदि स्थानों तक सामान भेज सकें। व्यापारी चाहें तो इस ट्रेन के माध्यम से दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री यहां से भेज सकते हैं या संबंधित स्टेशनों से मंगवा भी सकते हैं। उन्होंने बताया कि एक कोच की इस पार्सल एक्सप्रेस का संचालन 14 अप्रैल तक होना है। इसके संचालन की लागत पार्सल के मूल्य की तुलना में अधिक है। फिर भी नेशनल ट्रांसपोर्टर के रूप में रेलवे अपनी जिम्मेदारियों का निभा रहा है। सीपीआरओ के मुताबिक भारतीय रेलवे वर्तमान समय देश के 58 चिह्नित रेलमार्गों पर पार्सल एक्सप्रेस का संचालन कर रही है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान रेलवे द्वारा प्रयागराज, झांसी एवं आगरा मंडल में अब तक 3900 भोजन के पैकेट का वितरण किया जा चुका है।
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