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Railway News : 20 साल की सेवा पूरी करने वाले रेलकर्मियों को ट्रांसफर में मिलेगी प्राथमिकता, एनसीओ की बाध्यता ख

Fri, 24 Jul 2026 07:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Jul 2026 07:17 PM IST
सार

भारतीय रेलवे ने अपने गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे बोर्ड ने ‘ऑन रिक्वेस्ट ट्रांसफर’ (खुद के अनुरोध पर होने वाले तबादले) की नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 20 वर्ष से अधिक की नियमित सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए प्राथमिकता श्रेणी बनाने का फैसला किया है। 

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Railway News: Railway employees who have completed 20 years of service will get priority in transfers; the NCO
ट्रांसफर सांकेतिक फोटो

विस्तार

भारतीय रेलवे ने अपने गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे बोर्ड ने ‘ऑन रिक्वेस्ट ट्रांसफर’ (खुद के अनुरोध पर होने वाले तबादले) की नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 20 वर्ष से अधिक की नियमित सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए प्राथमिकता श्रेणी बनाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल के जरिये हर महीने की पहली तारीख को 20 साल से अधिक सेवा अवधि वाले कर्मचारियों की एक समेकित प्राथमिकता सूची तैयार होगी।

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इस सूची में कर्मचारियों के सेवा वर्षों के घटते क्रम के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। खास बात यह है कि पद खाली होते ही ऐसे कर्मचारी जो अपना तबादला चाहते हैं और उन्होंने आवेदन कर रखा है, पद खाली होते ही एचआरएमएस के माध्यम से स्वतः ही तबादला आदेश जारी हो जाएगा। इसके लिए अब स्वीकार करने वाली यूनिट से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने का झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारी को 15 दिनों के भीतर कार्यमुक्त करना अनिवार्य होगा।
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केवल कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे सतर्कता मामले या स्टॉक का प्रभार सौंपने में देरी होने पर ही मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की अनुमति से कार्यमुक्ति को रोका जा सकेगा। हालांकि, इस स्थिति में भी देरी को एक महीने से अधिक नहीं खींचा जा सकता। यह नई पारदर्शी व्यवस्था सर्कुलर जारी होने के दो महीने बाद से प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी। नार्थ सेंट्रल रेलवे इंपलाइज संघ के महामंत्री आरपी सिंह ने रेलवे बोर्ड के इस फैसले का स्वागत किया है। यूनियन पदाधिकारी आलोक सहगल ने कहा कि इस निर्णय से सभी जोनल रेलवे के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

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