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Railway News : अब चलती ट्रेन के दो हिस्से होने पर गेटमैन नहीं दिखाएंगे लाल झंडी, रेलवे ने किया बड़ा बदलाव
Wed, 04 Feb 2026 03:07 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 03:07 PM IST
सार
भारतीय रेलवे ने ट्रेन परिचालन के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए दशकों पुराने सिग्नल नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि चलती ट्रेन दो हिस्सों में बंट जाती है (ट्रेन पार्टिंग) तो गेटमैन या रेलवे कर्मचारी उसे रोकने के लिए लाल झंडी नहीं दिखाएंगे।
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ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
भारतीय रेलवे ने ट्रेन परिचालन के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए दशकों पुराने सिग्नल नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब यदि चलती ट्रेन दो हिस्सों में बंट जाती है (ट्रेन पार्टिंग) तो गेटमैन या रेलवे कर्मचारी उसे रोकने के लिए लाल झंडी नहीं दिखाएंगे। रेलवे बोर्ड ने उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) सहित देश के सभी जोन में इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
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दरअसल, पुरानी व्यवस्था के तहत ट्रेन के अलग होने पर गेटमैन लाल झंडी दिखाते थे, जिसे देखकर लोको पायलट तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा देते थे। कई मामलों में देखा गया कि ऐसी स्थिति में पीछे से आ रहा कटा हुआ हिस्सा (बोगियां) अपनी गति के कारण आगे वाले हिस्से से टकरा जाता था। इससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती थी। इसी जोखिम को खत्म करने के लिए अब स्टॉप सिग्नल को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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रेलवे बोर्ड की उप निदेशक यातायात श्वेता शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब ट्रेन पार्टिंग की स्थिति में दोपहर के समय गेटमैन हरी झंडी दिखाकर लोको पायलट और गार्ड को सतर्क करेंगे। रात के समय टॉर्च या सफेद रोशनी को ऊपर-नीचे लहराकर संकेत दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोको पायलट को यह समझाना है कि ट्रेन का हिस्सा अलग हो गया है और धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से ट्रेन की गति को नियंत्रित करना है, ताकि पीछे वाला हिस्सा टकराए नहीं। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड के निर्देश का जोन में पूरा पालन किया जाएगा।
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