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43 दिन रेल सेवा ठप होने से रेलवे 137 करोड़ का नुकसान
Wed, 15 Apr 2020 01:25 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Apr 2020 01:25 AM IST
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prayagraj news
- फोटो : news
देश आजाद होने के बाद यह पहला मौका है कि जब यात्री ट्रेनों का संचालन रेलवे ने 43 दिन के लिए बंद किया है। यात्री रेल संचालन बंद होने से उत्तर मध्य रेलवे को हर रोज करोड़ों रुपये का नुकसान बीते 24 दिन के दौरान हुआ। बात अगर प्रयागराज मंडल की करें तो 22 मार्च से 14 अप्रैल की अवधि में सिर्फ यात्री किराये एवं उससे जुड़े अन्य मदों से रेलवे को 76.9 करोड़ रुपये का झटका लगा है। अब जब यात्री ट्रेन रेल संचालन रेलवे ने तीन मई तक के लिए बंद कर दिया है तो इस अवधि में रेलवे को 60 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। यानी की 43 दिन रेल सेवा बंद होने से प्रयागराज मंडल को 137 करोड़ से ज्यादा के नुकसान हो सकता है।
पिछले माह 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के दिन से ही देश भर में सभी यात्री ट्रेनों का संचालन बंद है। लॉक डाउन की वजह से रेलवे ने 14 अप्रैल तक के लिए सभी यात्री ट्रेनें बंद करने का फरमान जारी किया था, लेकिन मंगलवार 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने लॉकडाउन तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया। इस निर्णय के बाद रेलवे बोर्ड ने भी सभी यात्री ट्रेनों का संचालन तीन मई तक के लिए बंद कर देने का एलान कर दिया। वर्तमान समय आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सिर्फ मालगाड़ियों और पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन ही किया जा रहा है। प्रयागराज मंडल के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां सालाना 11 अरब से ज्यादा की सिर्फ यात्री आय होती है। यानी की औसतन हर माह 96.2 करोड़ की आय प्रयागराज मंडल के खाते में आती है। लेकिन बीते 24 दिन और आगामी 19 दिन यानी कि कुल 43 दिन में ही रेलवे को 137 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है।
प्रयागराज एक्सप्रेस सर्वाधिक कमाई वाली ट्रेन
0 एनसीआर जोन की सर्वाधिक कमाई वाली ट्रेनों की बात करें तो प्रयागराज एक्सप्रेस इसमें अव्वल है। इससे रेलवे को सालाना 39.5 करोड़ रुपये की आय होती है। लेकिन 22 मार्च से समस्त यात्री ट्रेन बंद हो जाने की वजह से प्रयागराज एक्सप्रेस का भी संचालन बंद हो गया है। 22 मार्च से तीन मई तक सिर्फ प्रयागराज एक्सप्रेस के ही न चलने से रेलवे को 4.60 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
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टिकट रिफंड पर रेलवे नहीं काटेगा कोई शुल्क
0 15 मार्च से यात्री ट्रेन की शुरूआत होने की संभावना को लेकर तमाम लोगों ने प्रयागराज से दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों के लिए अपने रिजर्वेशन करवा रखे थे। 15 अप्रैल और उसके बाद की कुछ तिथियों में प्रयागराज एक्सप्रेस, दिल्ली हमसफर आदि ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची भी हो गई थी। लेकिन अब तीन मई तक रेल संचालन बंद है। इस वजह से रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने इस अवधि में अपने रेल टिकट बुक करवा रखे हैं, उन्हें उनका पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसमें रेलवे की ओर से कोई शुल्क नहीं काटा जाएगा। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के अगले निर्देश तक कोई अग्रिम आरक्षण नहीं किया जाएगा, जिनके टिकट ऑनलाइन हैं, उनका रिफंड खुद ही उनके खाते में पहुंच जाएगा, जबकि काउंटर टिकट वाले यात्री लॉक डाउन खुलने के बाद 31 जुलाई तक रेलवे स्टेशनों के काउंटर से रिफंड ले सकते हैं।
तीन मई तक की अवधि को माना जा रहा प्राकृतिक आपदा
0 रेलवे ने 22 मार्च से तीन मई तक की अवधि को प्राकृतिक आपदा की स्थिति माना है। इस वजह से एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है इस अवधि में डेमरेज, वारफेज, स्टैकिंग, पार्सल यात्रा पर डेमरेज, कंटेनर ट्रैफिक के मामले में डिटेंशन चार्ज आदि नहीं लगेेगा।
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पिछले माह 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के दिन से ही देश भर में सभी यात्री ट्रेनों का संचालन बंद है। लॉक डाउन की वजह से रेलवे ने 14 अप्रैल तक के लिए सभी यात्री ट्रेनें बंद करने का फरमान जारी किया था, लेकिन मंगलवार 14 अप्रैल को पीएम मोदी ने लॉकडाउन तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया। इस निर्णय के बाद रेलवे बोर्ड ने भी सभी यात्री ट्रेनों का संचालन तीन मई तक के लिए बंद कर देने का एलान कर दिया। वर्तमान समय आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सिर्फ मालगाड़ियों और पार्सल एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन ही किया जा रहा है। प्रयागराज मंडल के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां सालाना 11 अरब से ज्यादा की सिर्फ यात्री आय होती है। यानी की औसतन हर माह 96.2 करोड़ की आय प्रयागराज मंडल के खाते में आती है। लेकिन बीते 24 दिन और आगामी 19 दिन यानी कि कुल 43 दिन में ही रेलवे को 137 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है।
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प्रयागराज एक्सप्रेस सर्वाधिक कमाई वाली ट्रेन
0 एनसीआर जोन की सर्वाधिक कमाई वाली ट्रेनों की बात करें तो प्रयागराज एक्सप्रेस इसमें अव्वल है। इससे रेलवे को सालाना 39.5 करोड़ रुपये की आय होती है। लेकिन 22 मार्च से समस्त यात्री ट्रेन बंद हो जाने की वजह से प्रयागराज एक्सप्रेस का भी संचालन बंद हो गया है। 22 मार्च से तीन मई तक सिर्फ प्रयागराज एक्सप्रेस के ही न चलने से रेलवे को 4.60 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
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टिकट रिफंड पर रेलवे नहीं काटेगा कोई शुल्क
0 15 मार्च से यात्री ट्रेन की शुरूआत होने की संभावना को लेकर तमाम लोगों ने प्रयागराज से दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों के लिए अपने रिजर्वेशन करवा रखे थे। 15 अप्रैल और उसके बाद की कुछ तिथियों में प्रयागराज एक्सप्रेस, दिल्ली हमसफर आदि ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची भी हो गई थी। लेकिन अब तीन मई तक रेल संचालन बंद है। इस वजह से रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने इस अवधि में अपने रेल टिकट बुक करवा रखे हैं, उन्हें उनका पूरा रिफंड दिया जाएगा। इसमें रेलवे की ओर से कोई शुल्क नहीं काटा जाएगा। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड के अगले निर्देश तक कोई अग्रिम आरक्षण नहीं किया जाएगा, जिनके टिकट ऑनलाइन हैं, उनका रिफंड खुद ही उनके खाते में पहुंच जाएगा, जबकि काउंटर टिकट वाले यात्री लॉक डाउन खुलने के बाद 31 जुलाई तक रेलवे स्टेशनों के काउंटर से रिफंड ले सकते हैं।
तीन मई तक की अवधि को माना जा रहा प्राकृतिक आपदा
0 रेलवे ने 22 मार्च से तीन मई तक की अवधि को प्राकृतिक आपदा की स्थिति माना है। इस वजह से एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है इस अवधि में डेमरेज, वारफेज, स्टैकिंग, पार्सल यात्रा पर डेमरेज, कंटेनर ट्रैफिक के मामले में डिटेंशन चार्ज आदि नहीं लगेेगा।