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रेलवे ने अपनाया कुंभ वाला भीड़ मैनेजमेंट का तरीका
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वर्ष 2019 में लगे कुंभ मेले में अपनाया गया भीड़ प्रबंधन का फार्मूला बुधवार को प्रयागराज जंक्शन में एक बार फिर से अपनाया गया। इस दौरान कुंभ में तैनात रहे तमाम अफसरों, रेलकर्मियों एवं आरपीएफ जवानों का जंक्शन पर तैनात किया गया। सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए रेलवे ने प्लेटफार्म नंबर एक से सिटी साइड स्थित दोनों यात्री आश्रय स्थल में प्रवासी श्रमिक एवं उनके परिवार के सदस्यों को कतारबद्ध बैठा दिया।
रेलवे द्वारा जंक्शन पर महज आठ घंटे में चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आईं। इस तरह से प्रयागराज जंक्शन देश का एकमात्र ऐसा स्टेशन बन गया, जिसने लॉकडाउन के दौरान आठ घंटे में चार श्रमिक स्पेशल का संचालन किया। इसके पूर्व लखनऊ ने एक ही दिन में तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को रिसीव किया था। उधर, जंक्शन पर चारों ही ट्रेनों के आगमन के बीच इतना अंतराल रखा गया था कि उसमें से सभी यात्रियों को उतारने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए उन्हें कतारबद्ध यात्री आश्रय स्थल पहुंचा दिया जाए। एडीआरएम अनुराग कुमार गुप्ता, सीनियर डीएसससी मनोज कुमार लगातार ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के साथ ही उससे उतरने वाले यात्रियों की मॉनीटरिंग करते रहे। आरपीएफ के एएससी जेके कुंडल, आरपीएफ इंसपेक्टर बीपी सिंह आदि ने प्लेटफार्म नंबर एक पर आने वाली ट्रेनों के पीछे से एक बार में दो बोगियां को खाली करवाने के साथ उनके यात्रियों को लाइन में लगवाते रहे तो वहीं ट्रेन के आगे वाले हिस्से से यही प्रक्रिया जीआरपी प्रभारी रधुबीर सिंह एवं उनके स्टाफ ने की। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कुंभ के दौरान बनाए गए यात्री आश्रय स्थल बुधवार को काफी काम आए। इसकी क्षमता तीन हजार यात्रियों की है, लेकिन यहां एक बार में 600 यात्रियों को ही सामाजिक दूरी के साथ बैठाया गया।
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रेलवे द्वारा जंक्शन पर महज आठ घंटे में चार श्रमिक स्पेशल ट्रेनें आईं। इस तरह से प्रयागराज जंक्शन देश का एकमात्र ऐसा स्टेशन बन गया, जिसने लॉकडाउन के दौरान आठ घंटे में चार श्रमिक स्पेशल का संचालन किया। इसके पूर्व लखनऊ ने एक ही दिन में तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को रिसीव किया था। उधर, जंक्शन पर चारों ही ट्रेनों के आगमन के बीच इतना अंतराल रखा गया था कि उसमें से सभी यात्रियों को उतारने के साथ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए उन्हें कतारबद्ध यात्री आश्रय स्थल पहुंचा दिया जाए। एडीआरएम अनुराग कुमार गुप्ता, सीनियर डीएसससी मनोज कुमार लगातार ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान के साथ ही उससे उतरने वाले यात्रियों की मॉनीटरिंग करते रहे। आरपीएफ के एएससी जेके कुंडल, आरपीएफ इंसपेक्टर बीपी सिंह आदि ने प्लेटफार्म नंबर एक पर आने वाली ट्रेनों के पीछे से एक बार में दो बोगियां को खाली करवाने के साथ उनके यात्रियों को लाइन में लगवाते रहे तो वहीं ट्रेन के आगे वाले हिस्से से यही प्रक्रिया जीआरपी प्रभारी रधुबीर सिंह एवं उनके स्टाफ ने की। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कुंभ के दौरान बनाए गए यात्री आश्रय स्थल बुधवार को काफी काम आए। इसकी क्षमता तीन हजार यात्रियों की है, लेकिन यहां एक बार में 600 यात्रियों को ही सामाजिक दूरी के साथ बैठाया गया।
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