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ईसीसी में अस्टिटेंट प्रोफेसरों के चयन पर सवाल

Sun, 26 Mar 2017 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 26 Mar 2017 01:34 AM IST
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Questions on the selection of Astistent Professors in ECC
टीचर - फोटो : demo pic
यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में विभिन्न विषयों में दोबारा शुरू हुई असिस्टेंट प्रोफेसरों की चयन प्रक्रिया फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यूजीसी के मानकों का उल्लंघन कर चयन प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कुछ माह पहले भी ऐसे ही सवाल उठने के बाद चयन प्रक्रिया बीच में रोक दी गई थी लेकिन अब इसे दोबारा शुरू कराया गया है। मामले में एक छात्र नेता ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र भेजकर चयन प्रक्रिया को नियमों के तहत पूरा कराने की मांग की है।
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ईसीसी में पिछले साल दिसंबर में विभिन्न विषयों में असिस्टेंट प्रोसफेसरों की चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। उस वक्त आरोप लगे थे कि ईसीसी प्रशासन यूजीसी के मानकों का उल्लंघन कर रहा है। बिना स्क्रीनिंग के सभी आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है जबकि यूजीसी का मानक है कि स्क्रीनिंग के तहत योग्य अभ्यर्थियों की छंटनी करने के बाद उन्हें ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाए। हालांकि इस तरह की आपत्तियां उठने के बाद बीच में ही प्रक्रिया रोक दी गई  थी लेकिन महाविद्यालय प्रशासन ने प्रक्रिया रोके जाने के पीछे दूसरा कारण बताया था। महीनों बाद मार्च में असिस्टेंट प्रोफेसरों की चयन प्रक्रिया फिर शुरू की गई है। छात्र नेता सूर्य प्रकाश मिश्र की ओर से मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया गया कि इस बार भी बिना स्क्रीनिंग के सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है।
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पत्र के जरिये आरोप लगाया गया है कि महाविद्यालय प्रशासन धन उगाही और अपने लोगों के चयन के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाकर इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है। उधर, महाविद्यालय के प्राचार्य एम. मैसी का तर्क है कि अल्पसंख्यक संस्थान होने के नाते महाविद्यालय को स्क्रीनिंग से छूट है। उनका दावा है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ हो रही है। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला का कहना है कि सभी महाविद्यालयों को पत्र लिखा गया था कि यूजीसी के मानकों के तहत चयन प्रक्रिया पूरी करें। इंटरव्यू की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। गड़बड़ी की अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है।
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