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Prayagraj News: ठेले पर ठगों का क्यूआर कोड, आठ दुकानदार बने शिकार
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शहर में पहली बार ठेले पर ठगों का क्यूआर कोड स्कैम सामने आया है। इसमें दो अज्ञात युवकों ने ठेले पर लगे मालिक के क्यूआर कोड के ऊपर अपना क्यूआर कोड चिपकाकर ठगी की। पीड़ित दुकानदार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कर्नलगंज पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने बताया कि अब तक उसके साथी शहर में आठ दुकानदारों को शिकार बना चुके हैं।
हरिकिशन सोनकर निवासी पुरुषोत्तम नगर खुल्दाबाद ठेले पर चाइनीज फास्ट फूड बेचता है। उसने बताया कि 31 मई को वह कंपनी बाग के सामने ठेला लगाए था। तभी बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवक आए और मैगी बनाने को कहा। इसी दौरान उन्होंने चुपके से ठेले पर लगे उसके क्यूआर कोड के ऊपर अपना क्यूआर कोड चिपका दिया और चले गए।
जब ग्राहकों ने भुगतान किया और साउंड बॉक्स से कोई आवाज नहीं आई तो हरिकिशन को शक हुआ। उसने क्यूआर कोड देखा तो पाया कि वह उसका नहीं है। एक ग्राहक ने उसे उस मोबाइल नंबर की जानकारी दी जिस पर पेमेंट जा रहा था। जब हरिकिशन ने उस नंबर पर कॉल किया तो वह स्विच ऑफ मिला।
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इसके बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कटरा चौकी प्रभारी हरिनंद सिंह ने मोबाइल सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की तो पता चला कि इस ठगी में मेजा के सिरसा निवासी आकाश बिंद शामिल है।
कर्नलगंज पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया और बताया कि वह अपने एक साथी के साथ मिलकर शहर में अब तक आठ दुकानों को निशाना बना चुका है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसका साथी अभी फरार है।
एडीसीपी नगर अभिजीत कुमार ने दुकानदारों और ठेले वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड पर किसी भी प्रकार का बदलाव, स्टिकर या नई लेयर दिखाई दे, तो तुरंत जांच करें।
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प्रमुख तथ्य
- माॅडस ऑपरेंडी : असली क्यूआर कोड के ऊपर अपना कोड चिपकाकर ग्राहक द्वारा किए गए पेमेंट को ठग अपने खाते में डायवर्ट करते हैं।
- शहर में नुकसान : अब तक आठ दुकानदारों से हजारों रुपये की ठगी।
- जागरूकता सलाह : दुकानदार क्यूआर कोड पर किसी भी नए स्टिकर, स्क्रैच या लेयर को नजरअंदाज न करें।
- सुरक्षा उपाय : पेमेंट साउंड बॉक्स या एसएमएस अलर्ट के बिना भुगतान की पुष्टि न करें।
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हरिकिशन सोनकर निवासी पुरुषोत्तम नगर खुल्दाबाद ठेले पर चाइनीज फास्ट फूड बेचता है। उसने बताया कि 31 मई को वह कंपनी बाग के सामने ठेला लगाए था। तभी बिना नंबर की बाइक पर सवार दो युवक आए और मैगी बनाने को कहा। इसी दौरान उन्होंने चुपके से ठेले पर लगे उसके क्यूआर कोड के ऊपर अपना क्यूआर कोड चिपका दिया और चले गए।
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जब ग्राहकों ने भुगतान किया और साउंड बॉक्स से कोई आवाज नहीं आई तो हरिकिशन को शक हुआ। उसने क्यूआर कोड देखा तो पाया कि वह उसका नहीं है। एक ग्राहक ने उसे उस मोबाइल नंबर की जानकारी दी जिस पर पेमेंट जा रहा था। जब हरिकिशन ने उस नंबर पर कॉल किया तो वह स्विच ऑफ मिला।
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इसके बाद उसने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कटरा चौकी प्रभारी हरिनंद सिंह ने मोबाइल सर्विलांस की मदद से जांच शुरू की तो पता चला कि इस ठगी में मेजा के सिरसा निवासी आकाश बिंद शामिल है।
कर्नलगंज पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार किया और बताया कि वह अपने एक साथी के साथ मिलकर शहर में अब तक आठ दुकानों को निशाना बना चुका है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि उसका साथी अभी फरार है।
एडीसीपी नगर अभिजीत कुमार ने दुकानदारों और ठेले वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड पर किसी भी प्रकार का बदलाव, स्टिकर या नई लेयर दिखाई दे, तो तुरंत जांच करें।
प्रमुख तथ्य
- माॅडस ऑपरेंडी : असली क्यूआर कोड के ऊपर अपना कोड चिपकाकर ग्राहक द्वारा किए गए पेमेंट को ठग अपने खाते में डायवर्ट करते हैं।
- शहर में नुकसान : अब तक आठ दुकानदारों से हजारों रुपये की ठगी।
- जागरूकता सलाह : दुकानदार क्यूआर कोड पर किसी भी नए स्टिकर, स्क्रैच या लेयर को नजरअंदाज न करें।
- सुरक्षा उपाय : पेमेंट साउंड बॉक्स या एसएमएस अलर्ट के बिना भुगतान की पुष्टि न करें।