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नम पुरवइया, गर्म पुरवइया की रस्साकसी में ठहरा पारा
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Thu, 21 May 2015 02:00 AM IST
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इलाहाबाद ब्यूरो। हिमालयी क्षेत्र से आ रही नम पुरवइया और पछुवा हवाओं की रस्साकसी ने मौसम का पूरा तानाबाना बदल कर दिया है। दोनों हवाओं की रस्साकसी का नतीजा है कि तापमान तेजी से नहंी चढ़ पा रहा है। जहां गर्म पछुवा हवाएं दिन में हल्का फुल्का चढ़ाने का प्रयास करती है तो नम पुरवइया रात में पारे में गिरा दे रही है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि एक दिन पूर्व अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री दर्ज किया गया। नम पुरवइया हवाओं के रात में सक्रिय रहते और तापमान गिरने का असर रहा कि जहां अधिकतम आर्द्रता रात में 63 फीसदी पहुुंच गई, जबकि दिन में तापमान बढ़ने से आर्र्दता 21 से घटकर 17 फीसदी जा पहुंची।
मौसम के इस उलटफेर को लेकर विज्ञानी भी भौचक है। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि दिन में गर्म पछुवा के चलते पारे का चढ़ना, और रात में नम पुरवइया के दबाव में पारे का गिरना अजीबोगरीब संयोग है। हालांकि मौसम का यह उलटफेर आम आदमी को गर्मी से राहत बेशक दे रहा है लेकिन अच्छे मानसून के लिए शुभ संकेत नही है। बकौल मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा अब तक तापमान को 45 डिग्री पार कर जाना चाहिए था जिसे कई दिनों तक बरकरार रहना था। हालांकि पारे दो बार 45 डिग्री पार भी किया लेकिन फिर नम पुरवइया के दबाव में लुढ़क गया। एक जून को मानसून के केरल पहुंचने की संभावना है ऐसे में गंगा के मैदान में तापमान का यह उलटफेर मानसून को लेकर नए रंग दिखा सकता है।
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मौसम के इस उलटफेर को लेकर विज्ञानी भी भौचक है। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि दिन में गर्म पछुवा के चलते पारे का चढ़ना, और रात में नम पुरवइया के दबाव में पारे का गिरना अजीबोगरीब संयोग है। हालांकि मौसम का यह उलटफेर आम आदमी को गर्मी से राहत बेशक दे रहा है लेकिन अच्छे मानसून के लिए शुभ संकेत नही है। बकौल मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा अब तक तापमान को 45 डिग्री पार कर जाना चाहिए था जिसे कई दिनों तक बरकरार रहना था। हालांकि पारे दो बार 45 डिग्री पार भी किया लेकिन फिर नम पुरवइया के दबाव में लुढ़क गया। एक जून को मानसून के केरल पहुंचने की संभावना है ऐसे में गंगा के मैदान में तापमान का यह उलटफेर मानसून को लेकर नए रंग दिखा सकता है।
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