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एक माह में बीमा की धनराशि लौटाने का आदेश
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प्रयागराज। स्थायी लोक अदालत ने इंश्योरेस कंपनी को आदेश दिया है कि एक माह के अंदर बीमा धनराशि मय ब्याज परिवादी को प्रदान करे। वादी ने भैंस का बीमा कराया था। बीमा अवधि में भैंस मर गई। क्लेम मांगने पर कंपनी ने इंकार कर दिया।
यह आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष मारकण्डेय राय, सदस्य ममता गुप्ता और रमेश मालवीय ने प्रकरण की सुनवाई के बाद अपने निर्णय में दिया है।
प्रकरण हंडिया तहसील के जलालपुर सैदाबाद का है। वादी गिरिजा रमन पांडेय ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के मंडल प्रबंधक लखनऊ और प्रधान कार्यालय चेन्नई के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। वादी का कहना है कि उसने उन्नत किस्म की भैंस खरीद कर उसका बीमा राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के तहत कराया था।
नौ दिसंबर 2014 तक बीमा वैध था। 25 नवंबर को उसकी भैंस मर गई। जिसका पोस्टमार्टम पशु चिकित्साधिकारी ने किया था।। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पाया कि वादी मृतक भैंस की बीमित धनराशि पाने का अधिकारी है। कोर्ट ने कंपनी को बीमित धनराशि 40 हजार रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से वाद दाखिल करने की तारीख से एक माह के अंदर देने का आदेश दिया।
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यह आदेश स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष मारकण्डेय राय, सदस्य ममता गुप्ता और रमेश मालवीय ने प्रकरण की सुनवाई के बाद अपने निर्णय में दिया है।
प्रकरण हंडिया तहसील के जलालपुर सैदाबाद का है। वादी गिरिजा रमन पांडेय ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के मंडल प्रबंधक लखनऊ और प्रधान कार्यालय चेन्नई के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। वादी का कहना है कि उसने उन्नत किस्म की भैंस खरीद कर उसका बीमा राष्ट्रीय पशुधन बीमा योजना के तहत कराया था।
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नौ दिसंबर 2014 तक बीमा वैध था। 25 नवंबर को उसकी भैंस मर गई। जिसका पोस्टमार्टम पशु चिकित्साधिकारी ने किया था।। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पाया कि वादी मृतक भैंस की बीमित धनराशि पाने का अधिकारी है। कोर्ट ने कंपनी को बीमित धनराशि 40 हजार रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से वाद दाखिल करने की तारीख से एक माह के अंदर देने का आदेश दिया।
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