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सीएए के विरोध में धरना जारी, महिलाओं ने फिर निकाले जुलूस
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Protests continue against CAA, women again take out procession
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में महिलाओं का धरना लगातार 28वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को जुलूस पहुंचने और तकरीरों का दौर देर रात तक जारी रहा।
धरना स्थल पर सुबह से ही महिलाओं तथा अन्य लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। अटाला, मोमिनपुर, करेली, रसूलपुर, लखनपुर, मंदर मोड़, बख्शीमोढ़ा, अंधीपुर आदि इलाकों से जुलूस की शक्ल में पहुंचीं महिलाएं धरने में शामिल हुईं। पटना की कल्चरल टीम हेरावल के सदस्यों ने नाटक और गीत के माध्यम से एनपीआर, एनआरसी एवं सीएए पर हमला बोला।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय ने इसे काला कानून बताया। कहा, देश में बेरोजगारी जैसे मुद़दों पर चर्चा नहीं हो रही है। सिर्फ हिंदू, मुसलमान, गाय, गोबर, लव जेहाद और विघटकारी बातें फैलाकर देश के माहौल को बिगाड़ा जा रहा है। धरने के दौरान सबीहा मोहानी, सायरा अहमद, अफसर महमूद, उमर खालिद, सै.मो.अस्करी, इरशाद उल्ला, अब्दुल्ला तेहामी, यथांश केसरवानी, पप्पू पासी, राकेश यादव, नफीस अनवर, अकीलुर्रहमान आदि ने भी अपनी बात रखी।
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धरना स्थल पर सुबह से ही महिलाओं तथा अन्य लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। अटाला, मोमिनपुर, करेली, रसूलपुर, लखनपुर, मंदर मोड़, बख्शीमोढ़ा, अंधीपुर आदि इलाकों से जुलूस की शक्ल में पहुंचीं महिलाएं धरने में शामिल हुईं। पटना की कल्चरल टीम हेरावल के सदस्यों ने नाटक और गीत के माध्यम से एनपीआर, एनआरसी एवं सीएए पर हमला बोला।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्यामकृष्ण पांडेय ने इसे काला कानून बताया। कहा, देश में बेरोजगारी जैसे मुद़दों पर चर्चा नहीं हो रही है। सिर्फ हिंदू, मुसलमान, गाय, गोबर, लव जेहाद और विघटकारी बातें फैलाकर देश के माहौल को बिगाड़ा जा रहा है। धरने के दौरान सबीहा मोहानी, सायरा अहमद, अफसर महमूद, उमर खालिद, सै.मो.अस्करी, इरशाद उल्ला, अब्दुल्ला तेहामी, यथांश केसरवानी, पप्पू पासी, राकेश यादव, नफीस अनवर, अकीलुर्रहमान आदि ने भी अपनी बात रखी।
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