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अतीक की रिमांड निरस्त किए जाने के खिलाफ अभियोजन ने दाखिल की निगरानी
Thu, 04 Feb 2021 01:41 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 04 Feb 2021 01:41 AM IST
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atiq ahmed
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पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज नौ आपराधिक मुकदमों में प्रथम रिमांड निरस्त किए जाने के खिलाफ दाखिल निगरानी को जिला न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। प्रकरण की सुनवाई 18 फरवरी 2021 को होगी। कोर्ट ने विपक्षी पक्षकार अतीक अहमद आदि को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश प्रभारी सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज एससीएसटी रामकेश ने डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी को सुन कर दिया है।
अभियोजन के अनुसार धूमनगंज थाने में अतीक अहमद के खिलाफ 2015 से लेकर 2020 के बीच नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें उसे न्यायिक अभिरक्षा में नहीं लिया गया था। विवेचक ने सात आपराधिक मुकदमों में मई 2020 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अतीक अहमद को प्रथम रिमांड (न्यायिक अभिरक्षा) में लिए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था तथा दो मुकदमों में प्रथम रिमांड के लिए दिसंबर 2020 में विवेचक ने अर्जी दी थी। विवेचक द्वारा दी गई अर्जी में कहा गया कि अतीक अहमद गुजरात के अहमदाबाद साबरमती जेल में बंद है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए। कोर्ट ने विवेचक की अर्जी खारिज करते हुए रिमांड नामंजूर कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश 15 मई 2020 में कहा था कि प्रथम रिमांड में अभियुक्त की भौतिक उपस्थिति आवश्यक है । अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 15 मई 2020 और तीन दिसंबर 2020 को प्रथम रिमांड नामंजूर किए जाने के आदेश के खिलाफ जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा जिला जज की कोर्ट में निगरानी प्रस्तुत की गई है। अदालत ने अभियोजन की निगरानी सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुउ पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।
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अभियोजन के अनुसार धूमनगंज थाने में अतीक अहमद के खिलाफ 2015 से लेकर 2020 के बीच नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जिसमें उसे न्यायिक अभिरक्षा में नहीं लिया गया था। विवेचक ने सात आपराधिक मुकदमों में मई 2020 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अतीक अहमद को प्रथम रिमांड (न्यायिक अभिरक्षा) में लिए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था तथा दो मुकदमों में प्रथम रिमांड के लिए दिसंबर 2020 में विवेचक ने अर्जी दी थी। विवेचक द्वारा दी गई अर्जी में कहा गया कि अतीक अहमद गुजरात के अहमदाबाद साबरमती जेल में बंद है।
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये न्यायिक अभिरक्षा में लिया जाए। कोर्ट ने विवेचक की अर्जी खारिज करते हुए रिमांड नामंजूर कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश 15 मई 2020 में कहा था कि प्रथम रिमांड में अभियुक्त की भौतिक उपस्थिति आवश्यक है । अधीनस्थ न्यायालय द्वारा 15 मई 2020 और तीन दिसंबर 2020 को प्रथम रिमांड नामंजूर किए जाने के आदेश के खिलाफ जिला शासकीय अधिवक्ता द्वारा जिला जज की कोर्ट में निगरानी प्रस्तुत की गई है। अदालत ने अभियोजन की निगरानी सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुउ पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।
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