Prayagraj : गो तस्कर मुजफ्फर की दस करोड़ की संपत्ति कुर्क, गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई
सपा से कौड़िहार ब्लाक प्रमुख का चुनाव जीते मुजफ्फर के खिलाफ धूमनगंज में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। गैंगस्टर एक्ट के तहत मुजफ्फर की करोड़ों की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।
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गो तस्कर मुजफ्फर की दस करोड़ से अधिक की संपत्ति सोमवार को पुलिस ने कुर्क कर ली। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की जांच कर रही पुलिस ने मुजफ्फर की तीन संपत्तियों को पता लगाकर डीएम से कुर्की की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने के बाद तीनों संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया। मुजफ्फर ने अपने भाई और भाभी के नाम पर यह संपत्ति बनाई थी।
सपा से कौड़िहार ब्लाक प्रमुख का चुनाव जीते मुजफ्फर के खिलाफ धूमनगंज में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। गैंगस्टर एक्ट के तहत मुजफ्फर की करोड़ों की संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है। गैंगस्टर की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर धूमनगंज ने कुछ दिन पहले ही कौशांबी के चरवा इलाके के भिखनापुर गांव में दो और भीटी देवमाफी गांव में एक संपत्ति को चिन्हित किया था।
इन संपत्तियों की कीमत करीब दस करोड़ की है। मुजफ्फर ने तीनों संपत्तियों को अपने भाई मो.अकरम और भाभी गुलिस्तां के नाम पर खरीदा था। इन संपत्तियों के चिन्हीकरण के बाद डीएम ने कुर्की के आदेश दिए थे। सोमवार को एसडीएम चायल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और सीओ सिविल लाइंस के नेतृत्व में पुलिस विभाग की टीम ने भिखनापुर में दो और भीटी देवमाफी में एक संपत्ति को कुर्क किया गया।
सीओ सिविल लाइंस एनएन सिंह ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत 10 करोड़ से ज्यादा है। मुजफ्फर ने पशु तस्करी तथा अन्य अपराधों से अकूत संपत्तियां बनाई हैं। उसने तमाम संपत्तियों को अपने सगे संबंधियों के नाम ले रखा है।
जेल से ही चुनाव जीता, नहीं ले पाया शपथ
प्रयागराज। मूल रूप से नवाबगंज के चफरी गांव का रहने वाला मुजफ्फर काफी सालों से पूरामुफ्ती के बेगम बाजार में रह रहा था। 2018 में वह गो तस्करी में पकड़ा गया था। उसने सपा के टिकट पर जेल से चुनाव जीता था लेकिन शपथ नहीं ले पाया। वह पूरामुफ्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। गोतस्करी से ही उसने अकूत पैसा कमाया।
करीबी रिश्तेदारों के नाम ली गई करोड़ों की संपत्ति हो चुकी है कुर्क
मुजफ्फर ने अपने सगे भाइयों तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति ली थी। अब जांच में इसका खुलासा होने के बाद पुलिस ने भाइयों तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियों को चिन्हित तक कुर्की की कार्रवाई शुरू की है। अब तक कई करोड़ की संपत्ति पुलिस कुर्क कर चुकी है।