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दयाल नर्सिंग होम से 43 लाख की अधिक की वसूली पर रोक
Wed, 19 May 2021 08:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 19 May 2021 08:09 PM IST
सार
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में घोटाले का मामला
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allahabad high court
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के दयाल नर्सिंग होम के खिलाफ 43 लाख रुपये से अधिक की रिकवरी और अस्पताल की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्धता समाप्त करने के आदेश पर अगली सुनवाई तक के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य और केंद्र सरकार से 17 जून तक जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई 17 जून को होगी।
अस्पताल के संचालक डा. मुकेश टंडन की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति डा. के जे ठाकर और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने दिया है। याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि हाईकोर्ट ने इससे पूर्व अस्पताल के विरुद्ध की गई कार्रवाई को 15 मार्च के आदेश से रद्द कर दिया था तथा सरकार को नैसिर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए नए सिरे से सुनवाई करने की छूट दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की इम्पैनलमेंट टीम ने डा. टंडन का पक्ष सुनने के बाद नए सिरे से 43 लाख से अधिक की रिकवरी और संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया। उक्त आदेश पारित करते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों का सही भावना के साथ पालन नहीं किया गया।
डा. टंडन पर आरोप है कि उनके अस्पताल द्वारा आरोग्य योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिना मरीजों का इलाज किए लाखों रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया। शिकायत पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल 2021के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए जवाब मांगा है।
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अस्पताल के संचालक डा. मुकेश टंडन की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति डा. के जे ठाकर और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने दिया है। याची का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि हाईकोर्ट ने इससे पूर्व अस्पताल के विरुद्ध की गई कार्रवाई को 15 मार्च के आदेश से रद्द कर दिया था तथा सरकार को नैसिर्गिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए नए सिरे से सुनवाई करने की छूट दी थी। इसके बाद प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की इम्पैनलमेंट टीम ने डा. टंडन का पक्ष सुनने के बाद नए सिरे से 43 लाख से अधिक की रिकवरी और संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया। उक्त आदेश पारित करते हुए हाईकोर्ट के निर्देशों का सही भावना के साथ पालन नहीं किया गया।
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डा. टंडन पर आरोप है कि उनके अस्पताल द्वारा आरोग्य योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिना मरीजों का इलाज किए लाखों रुपये का फर्जी भुगतान कराया गया। शिकायत पर मामले की जांच के बाद कार्रवाई की गई। हाईकोर्ट ने 13 अप्रैल 2021के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगाते हुए जवाब मांगा है।
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