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प्रो. हांगलू को मानद उपाधि देने का विरोध
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professor hangloo manad upadhi
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पूर्व रजिस्ट्रार और कई शिक्षकों ने दर्ज कराई आपत्ति, प्रधानमंत्री कार्यालय, मंत्रालय को किया गया ट्वीट
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को सेना की ओर से एनसीसयी कर्नल की उपाधि दिए जाने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। पूर्व रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव और कई शिक्षकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को ईमेल एवं ट्विट भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
सेना की ओर से 15 अगस्त को लखनऊ स्थित एनसीसी मुख्यालय में इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को कर्नल की मानद उपधि दी जानी है। इस उपाधि के लिए कई अन्य शिक्षाविदों को भी चुना गया है। इस उपाधि के लिए एनसीसी कमांडेंट की ओर से सिफारिश की जाती है और इसी सिफारिश पर सेना की ओर से उपाधि दी जाती है। पिछले दिनों सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल शरद शंकर ने शिक्षाविदों को पत्र भेजकर इस उपाधि के बारे में जानकारी दी थी।
पत्र सार्वजनिक होने के बाद अब प्रो. हांगलू को उपाधि दिए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इविवि के पूर्व रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव और इविवि के पूर्व शिक्षक प्रो. एके श्रीवास्तव समेत कई शिक्षकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि इविवि में कुलपति रहते प्रो. हांगलू पर तमाम तरह के आरोप लगे। राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट में भी प्रो. हांगलू की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मंत्रालय की कमेटी भी प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में प्रो. हांगलू को किस आधार पर एनसीसी कर्नल की मानद उपाधि दी जा रही है।
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को सेना की ओर से एनसीसयी कर्नल की उपाधि दिए जाने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। पूर्व रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव और कई शिक्षकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को ईमेल एवं ट्विट भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
सेना की ओर से 15 अगस्त को लखनऊ स्थित एनसीसी मुख्यालय में इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू को कर्नल की मानद उपधि दी जानी है। इस उपाधि के लिए कई अन्य शिक्षाविदों को भी चुना गया है। इस उपाधि के लिए एनसीसी कमांडेंट की ओर से सिफारिश की जाती है और इसी सिफारिश पर सेना की ओर से उपाधि दी जाती है। पिछले दिनों सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल शरद शंकर ने शिक्षाविदों को पत्र भेजकर इस उपाधि के बारे में जानकारी दी थी।
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पत्र सार्वजनिक होने के बाद अब प्रो. हांगलू को उपाधि दिए जाने का विरोध शुरू हो गया है। इविवि के पूर्व रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव और इविवि के पूर्व शिक्षक प्रो. एके श्रीवास्तव समेत कई शिक्षकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि इविवि में कुलपति रहते प्रो. हांगलू पर तमाम तरह के आरोप लगे। राष्ट्रीय महिला आयोग की रिपोर्ट में भी प्रो. हांगलू की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। मंत्रालय की कमेटी भी प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक एवं अकादमिक आरोपों की जांच कर रही है। ऐसे में प्रो. हांगलू को किस आधार पर एनसीसी कर्नल की मानद उपाधि दी जा रही है।
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