{"_id":"6987104b820668978d0e3647","slug":"private-matters-cannot-be-presented-under-the-guise-of-public-interest-dismisses-petition-against-stamp-duty-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : जनहित के मुखौटा लगाकर पेश नहीं किए जा सकते निजी मामले स्टांप ड्यूटी के खिलाफ याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : जनहित के मुखौटा लगाकर पेश नहीं किए जा सकते निजी मामले स्टांप ड्यूटी के खिलाफ याचिका खारिज
Sat, 07 Feb 2026 03:43 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 07 Feb 2026 03:43 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि निजी लेनदेन और नफा-नुकसान से जुड़े मामले जनहित का मुखौटा पहनकर पेश नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि निजी लेनदेन और नफा-नुकसान से जुड़े मामले जनहित का मुखौटा पहनकर पेश नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कुशीनगर निवासी अभिनेंद्र प्रताप सिंह व तीन अन्य की जनहित याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
याचियों ने कप्तानगंज तहसील के मौजा बसहिया में जमीन की रजिस्ट्री के दौरान डिप्टी रजिस्ट्रार (स्टाम्प) की ओर से खरीदारों से वसूली जा रही दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी पर रोक लगाने की मांग की थी।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याची वास्तव में खुद की संपत्तियों की रजिस्ट्री पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क से परेशान है। इसके लिए वह जनहित याचिका के जरिये राहत की गुहार नहीं लगा सकते, हालांकि उनके लिए स्टाम्प कमिश्नर या अन्य राजस्व न्यायालय की शरण में जाने के रास्ते खुले हैं।
विज्ञापन