इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की देश में कहीं भी नई शाखा खोली जा सके, इसके लिए प्रयास तेज हो गए हैं। सबसे पहले कौशांबी में नई शाखा खोले जाने की तैयारी है और इसके लिए इविवि प्रशासन की ओर से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर अनुमति मांगी गई है। इस बाबत पिछले साल इविवि की कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव भी पारित किया गया था, जिसे मंत्रालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है।
प्रयागराज से बाहर इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शाखा खोलने की तैयारी
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कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था कि नया जनपद बनने के बाद कौशांबी को कोई भी सरकारी उच्च शिक्षण संस्थान और तकनीकी शिक्षण संस्थान नहीं मिला।
इस वजह से यहां के छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। सांसद ने मांग की थी कि इविवि की एक शाखा अगर कौशांबी में खुले जाएगी तो यहां के छात्र-छात्राओं के साथ बुंदेलखंड, फतेहपुर और प्रतापगढ़ के विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र की कॉपी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजी गई थी और वहां से वीसी दफ्तर को एक पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि इविवि के बाइलॉज में है कि विश्वविद्यालय की शाखा 16 किलोमीटर के दायरे में ही खोली जा सकती है। इस दायरे के बाहर शाखा खोले जाने का कोई प्रावधान नहीं। ऐसे में इविवि की 29 जून 2019 को हुई कार्य परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि विश्वविद्यालय की शाखा देश में कहीं भी खोली जा सकती है और इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दिया गया।
सांसद विनोद सोनकर ने शुक्रवार को इविवि के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी से मुलाकात कर इस मसले पर वार्त की तो उन्हें बताया गया कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
अपने संसाधनों से चलेगा पंत छात्रावास
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध पंत्र छात्रावास में एससी-एसटी अभ्यर्थियों को मुफ्त आईएएस-पीसीएस की कोचिंग दी जाती थी लेकिन पिछले कुछ समय से यह बंद चल रहा है। सांसद विनोद सोनकर ने इस मुद्दे पर भी कुलपति से बातचीत की। सांसद ने बताया कि फिलहाल अभी यह तय हुआ है कि सेल्फ फाइनेंस के तहत इसका संचालन किया जाएगा और सांसद जल्द ही भारत सरकार में बात करके इसके लिए संचालन के लिए बजट का प्रावधान कराएंगे।
इविवि का नाम बदलने का भी उठा मुद्दा
सांसद विनोद सोनकर ने संसद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘प्रयागराज विश्वविद्यालय’ किए जाने का मुद्दा उठाया था। सांसद ने वीसी से इस मसले पर भी बात की। सांसद को बताया गया कि इस बाबत अभी कोई नोटिस नहीं आया है।
सेल्फ फाइनेंस से चलेगा पंत संस्थान