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हॉस्टलों में अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माने की तैयारी
Fri, 08 Jan 2021 01:25 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 08 Jan 2021 01:25 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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कोविड के कारण इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के ज्यादातर हॉस्टल बंद पड़े हैं, लेकिन हॉस्टलों में कमरों के ताले टूट गए हैं और वहां अवैध कब्जा हो गया है। बृहस्पतिवार को वार्डनों, अधीक्षकों, डीएसडब्ल्यू, रजिस्ट्रार और चीफ प्रॉक्टर के साथ हुई बैठक में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने मसले को गंभीरता से लेते हुए पूछा कि हॉस्टल बंद होने के बावजूद वहां भीड़ कैसे बढ़ गई। इविवि प्रशासन अब हॉस्टल में अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है।
इविवि के हॉस्टलों में केवल साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के शोधार्थियों और पीजी के छात्र-छात्राओं को रहने की अनुमति दी गई है, क्योंकि उन्हें नियमित रूप से प्रयोगशाला में आना पड़ता है। बाकी छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल नहीं खोले गए हैं। इसके लिए यूजीसी से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार हो रहा है। इसके बावजूद तमाम हॉस्टलों के कमरों पर लगे ताले टूट गए हैं और वहां अवैध कब्जा हो गया है। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जब कुलपति को इस बारे में जानकारी मिली तो वह काफी नाराज हुईं। इविवि के सभी 15 हॉस्टलों में वॉशरूम, छतों, कमरों आदि की मरम्मत भी कराई जानी है।
अगर अवैध कब्जा रहा तो यह कार्य भी पूरा नहीं हो सकेगा। फिलहाल इविवि के इंजीनियर से कहा गया है कि वे सर्वे करके प्रस्ताव तैयार कर लें कि कौन-कौन से काम होने हैं। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने बताया कि हॉस्टलों में अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी भी हो रही है। कोविड काल में हॉस्टलों में भीड़ का बढना किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है। हालांकि इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि उन्हें आधिकारिक रूप से यही बताया गया है कि बैठक में हॉस्टलों की मरम्मत को लेकर चर्चा हुई है।
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इविवि के हॉस्टलों में केवल साइंस एंड टेक्नोलॉजी स्ट्रीम के शोधार्थियों और पीजी के छात्र-छात्राओं को रहने की अनुमति दी गई है, क्योंकि उन्हें नियमित रूप से प्रयोगशाला में आना पड़ता है। बाकी छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल नहीं खोले गए हैं। इसके लिए यूजीसी से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार हो रहा है। इसके बावजूद तमाम हॉस्टलों के कमरों पर लगे ताले टूट गए हैं और वहां अवैध कब्जा हो गया है। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जब कुलपति को इस बारे में जानकारी मिली तो वह काफी नाराज हुईं। इविवि के सभी 15 हॉस्टलों में वॉशरूम, छतों, कमरों आदि की मरम्मत भी कराई जानी है।
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अगर अवैध कब्जा रहा तो यह कार्य भी पूरा नहीं हो सकेगा। फिलहाल इविवि के इंजीनियर से कहा गया है कि वे सर्वे करके प्रस्ताव तैयार कर लें कि कौन-कौन से काम होने हैं। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने बताया कि हॉस्टलों में अवैध कब्जा करने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी भी हो रही है। कोविड काल में हॉस्टलों में भीड़ का बढना किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं है। हालांकि इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि उन्हें आधिकारिक रूप से यही बताया गया है कि बैठक में हॉस्टलों की मरम्मत को लेकर चर्चा हुई है।
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