{"_id":"593afd214f1c1b51039c9299","slug":"preparation-for-changing-the-faculty-of-science-faculty","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञान संकाय की सूरत बदलने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञान संकाय की सूरत बदलने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 10 Jun 2017 01:29 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय की सूरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी बेहतरी के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर मंथन के लिए शुक्रवार को भारत सरकार की टीम इलाहाबाद में थी। टीम के सदस्यों ने विज्ञान संकाय समेत विश्वविद्यालय के अन्य हिस्सों का भी निरीक्षण किया और सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य है विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों का पुनरुद्धार करते हुए भारत सरकार के सहयोग से उसे पुन: विश्वस्तरीय बनाया जा सके। बायोटेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के सचिव प्रो. विजय राघवन ने विश्वविद्यालय में अंतरविषयी एवं इलाहाबाद के विभिन्न संस्थानों को मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी विभाग से हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव भरतलाल ने प्रतिष्ठित विद्वानों को बुलाकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
उन्होंने नोबल प्राप्त विद्वानों को बुलाकर कार्यशाला का आयोजन करने के लिए भी कहा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव एसएस संधु, बायो टेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव सीपी गोयल एवं अन्य ने विज्ञान संकाय में समस्त शोध छात्रों से बातचीत की और उनके विचार जाने। वीसी प्रो. रतन लाल हांगलू की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम के दौरान प्रो. एसी पांडेय ने विश्वविद्यालय का खाका प्रस्तुत किया और विज्ञान की शिक्षा एवं शोध में बदलाव के अंतरविषयी उपायों को साझा किया। शनिवार को कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में बायोटेक्नोलॉजी विभाग, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ सीडीआरआई लखनऊ एवं एनबीआरआई के निदेशक, ट्रिपल आईटी इलाहाबाद, एमएनएनआईटी इलाहाबाद, एचआरआई इलाहाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पूर्व विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य है विज्ञान संकाय के विभिन्न विभागों का पुनरुद्धार करते हुए भारत सरकार के सहयोग से उसे पुन: विश्वस्तरीय बनाया जा सके। बायोटेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के सचिव प्रो. विजय राघवन ने विश्वविद्यालय में अंतरविषयी एवं इलाहाबाद के विभिन्न संस्थानों को मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी विभाग से हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव भरतलाल ने प्रतिष्ठित विद्वानों को बुलाकर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने नोबल प्राप्त विद्वानों को बुलाकर कार्यशाला का आयोजन करने के लिए भी कहा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव एसएस संधु, बायो टेक्नोलॉजी विभाग भारत सरकार के संयुक्त सचिव सीपी गोयल एवं अन्य ने विज्ञान संकाय में समस्त शोध छात्रों से बातचीत की और उनके विचार जाने। वीसी प्रो. रतन लाल हांगलू की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम के दौरान प्रो. एसी पांडेय ने विश्वविद्यालय का खाका प्रस्तुत किया और विज्ञान की शिक्षा एवं शोध में बदलाव के अंतरविषयी उपायों को साझा किया। शनिवार को कार्यक्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में बायोटेक्नोलॉजी विभाग, विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ सीडीआरआई लखनऊ एवं एनबीआरआई के निदेशक, ट्रिपल आईटी इलाहाबाद, एमएनएनआईटी इलाहाबाद, एचआरआई इलाहाबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन