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शहर से फाफामऊ को जोड़ने वाल आजाद सेतु के बंद होने पर संगमनगरी को मिलेगा दो पांटून पुलों का विकल्प, अब यह उठी मांग
Sat, 21 Aug 2021 04:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 21 Aug 2021 04:15 PM IST
सार
- फाफामऊ में आजाद सेतु की मरम्मत का काम स्थगित होने से विकल्पों की तैयारी के लिए अभियंताओं को मिला समय
- आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग पांटून पुल बनाने का पीडब्ल्यूडी ने दिया है प्रस्ताव
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विस्तार
फाफामऊ में गंगा पर बने चंद्रशेखर आजाद सेतु की मरम्मत के दौरान शहर के लोगों को सुगम यातायात के लिए पांटून पुलों का विकल्प मिलेगा। क्षतिग्रस्त हो चुके इस पुल की मरम्मत के लिए नेशनल हाइवे खंड की ओर से सेतु पर महीने भर के लिए यातायात बंद करने की अनुमति मांगे जाने के बाद पांटून पुल के नए विकल्प को तैयार किया जा रहा है। इसके लिए दो पांटून पुल बनाने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी ने दिया है। इसमें एक पुल फाफामऊ की तरफ से शहर की ओर आगमन के लिए होगा और दूसरा प्रस्थान के लिए। फिलहाल बारिश के मौसम को देखते हुए विकल्पों की तैयारी के लिए पुल की मरम्मत का काम स्थगित कर दिया गया है।
करीब 33 साल पुराने चंद्रशेखर आजाद सेतु के क्षतिग्रस्त हो चुके एक्सटेंशन ज्वाइंट की मरम्मत को टालना अब खतरे से खाली नहीं है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पुल की रेलिंग तो टूटी ही है, कई जगह फुटपाथ भी गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। जल्दी मरम्मत कराने के लिए एनएच खंड के अभियंताओं ने सुझाव दिया है। फिलहाल फाफामऊ बाईपास से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तिराहे तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है।
यह निर्माण पूरा होने वाला है। लेकिन, पुल की सेहत को दुरुस्त किए बिना चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का काम पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए फाफामऊ पुल का रिहेबिलिटेशन वर्क कराया जा रहा है। डीएम संजय खत्री के मुताबिक मरम्मत के दौरान शहर के लोगों के यातायात के लिए पांटून पुल बनाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शहर से फाफामऊ को जोड़ने वाले चंद्रशेखर आजाद सेतु का निर्माण 1988 में कराया गया था।
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फाफामऊ पुल बंद होने पर विकल्प के तौर पर दो पांटून पुल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद 15 नवंबर के बाद काम आरंभ कर दिया जाएगा। एके द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
डीएम के साथ बैठक में फिलहाल चंद्रशेखर आजाद सेतु की मरम्मत का काम स्थगित कर दिया गया है। अभी इसके लिए कोई तिथि तय नहीं हो सकी है। राज कुमार मिश्र, एई-एनएच खंड।
फाफामऊ पुल की मरम्मत टाले जाने से हर दिन उसकी क्षमता कम होती जा रही है। इस पुल को महीने भर के लिए जितना जल्दी हो सके एनएच खंड को मरम्मत के लिए दे दिया जाना चाहिए। मरम्मत के बाद इस पुल की आयु 50 वर्ष बढ़ जाएगी। पीके चौधरी, एक्सईएन-एनएच खंड।
कर्जन पुल खोलने के सुझावों पर एनएच खंड सहमत नहीं
कर्जन पुल को दो पहिया वाहनों के यातायात के लिए विकल्प के रूप में खोलने के सुझावों पर नेशनल हाइवे खंड के अभियंता सहमत नहीं हैं। एनएच खंड के एक्सईएन पीके चौधरी का कहना है कि कर्जन पुल की ऊंचाई अधिक है और उसकी रेलिंग भी टूटी हुई है। ऐसे में साइकिल के लिए उसे खोला जाना उचित नहीं होगा।
फाफामऊ पुल की मरम्मत के दौरान स्पेशल ट्रेन चलवाने की मांग
शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में सदस्यों ने इस पर चर्चा की और कहा कि पुल पर आवागमन एक सितंबर से बंद हो रहा है। यह स्थिति महीने भर बनी रहेगी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पार्टी सदस्यों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग के रूप में सहसों मार्ग निर्धारित किया गया है। वह व्यवस्था काफी खर्चीली और समय को नष्ट करने वाली है। ऐसे में फाफामऊ से प्रयाग स्टेशन तक स्पेशल ट्रन चलाई जाए, जिससे जनता को राहत मिल सके। बैठक में माकपा राज्य सचिव मणंडल सदस्य रवि मिश्र, जिला मंत्री अखिल विकल्प, भूपेन्द्र, मुन्नी लाल, विकास स्वरुप, भीम सिंह, जेबी यादव, हरिश्चन्द्र द्विवेदी, राजनाथ पटेल, छेदी लाल. रमाकांत, पृथ्वी पाल आदि उपस्थित रहे।
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करीब 33 साल पुराने चंद्रशेखर आजाद सेतु के क्षतिग्रस्त हो चुके एक्सटेंशन ज्वाइंट की मरम्मत को टालना अब खतरे से खाली नहीं है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार पुल की रेलिंग तो टूटी ही है, कई जगह फुटपाथ भी गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। जल्दी मरम्मत कराने के लिए एनएच खंड के अभियंताओं ने सुझाव दिया है। फिलहाल फाफामऊ बाईपास से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तिराहे तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है।
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यह निर्माण पूरा होने वाला है। लेकिन, पुल की सेहत को दुरुस्त किए बिना चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का काम पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए फाफामऊ पुल का रिहेबिलिटेशन वर्क कराया जा रहा है। डीएम संजय खत्री के मुताबिक मरम्मत के दौरान शहर के लोगों के यातायात के लिए पांटून पुल बनाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शहर से फाफामऊ को जोड़ने वाले चंद्रशेखर आजाद सेतु का निर्माण 1988 में कराया गया था।
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- 98 मीटर है फाफामऊ के चंद्रशेखर आजाद सेतु की लंबाई
- 33 साल पुराने पुल के कई जगह क्षतिग्रस्त होने से मरम्मत का है प्रस्ताव
- 02 पांटून पुलों का यातायात के विकल्पों को रूप में निर्माण
फाफामऊ पुल बंद होने पर विकल्प के तौर पर दो पांटून पुल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसकी स्वीकृति मिलने के बाद 15 नवंबर के बाद काम आरंभ कर दिया जाएगा। एके द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
डीएम के साथ बैठक में फिलहाल चंद्रशेखर आजाद सेतु की मरम्मत का काम स्थगित कर दिया गया है। अभी इसके लिए कोई तिथि तय नहीं हो सकी है। राज कुमार मिश्र, एई-एनएच खंड।
फाफामऊ पुल की मरम्मत टाले जाने से हर दिन उसकी क्षमता कम होती जा रही है। इस पुल को महीने भर के लिए जितना जल्दी हो सके एनएच खंड को मरम्मत के लिए दे दिया जाना चाहिए। मरम्मत के बाद इस पुल की आयु 50 वर्ष बढ़ जाएगी। पीके चौधरी, एक्सईएन-एनएच खंड।
कर्जन पुल खोलने के सुझावों पर एनएच खंड सहमत नहीं
कर्जन पुल को दो पहिया वाहनों के यातायात के लिए विकल्प के रूप में खोलने के सुझावों पर नेशनल हाइवे खंड के अभियंता सहमत नहीं हैं। एनएच खंड के एक्सईएन पीके चौधरी का कहना है कि कर्जन पुल की ऊंचाई अधिक है और उसकी रेलिंग भी टूटी हुई है। ऐसे में साइकिल के लिए उसे खोला जाना उचित नहीं होगा।
फाफामऊ पुल की मरम्मत के दौरान स्पेशल ट्रेन चलवाने की मांग
शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में सदस्यों ने इस पर चर्चा की और कहा कि पुल पर आवागमन एक सितंबर से बंद हो रहा है। यह स्थिति महीने भर बनी रहेगी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पार्टी सदस्यों ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्ग के रूप में सहसों मार्ग निर्धारित किया गया है। वह व्यवस्था काफी खर्चीली और समय को नष्ट करने वाली है। ऐसे में फाफामऊ से प्रयाग स्टेशन तक स्पेशल ट्रन चलाई जाए, जिससे जनता को राहत मिल सके। बैठक में माकपा राज्य सचिव मणंडल सदस्य रवि मिश्र, जिला मंत्री अखिल विकल्प, भूपेन्द्र, मुन्नी लाल, विकास स्वरुप, भीम सिंह, जेबी यादव, हरिश्चन्द्र द्विवेदी, राजनाथ पटेल, छेदी लाल. रमाकांत, पृथ्वी पाल आदि उपस्थित रहे।