Prayagraj Weather : सूरज के भय से सड़कें खाली, राहगीर छांव की शरण में
तीन नदियों के संगम वाले प्रयागराज की धरती शुक्रवार को ऐसा तपी कि दोपहर के वक्त यहां की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। अधिकतम तापमान 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45.2 डिग्री तक पहुंच गया।
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तीन नदियों के संगम वाले प्रयागराज की धरती शुक्रवार को ऐसा तपी कि दोपहर के वक्त यहां की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। अधिकतम तापमान 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45.2 डिग्री तक पहुंच गया। बीते सात दिनों में तीसरी बार प्रयागराज सूबे का सबसे गर्म जिला रहा। सुबह करीब आठ बजे से ही सूरज के तेवर तल्ख रहे। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गर्मी असहनीय होती गई। शाम पांच बजे के बाद कुछ राहत मिली।
दोपहर में हालत ये रही कि झुलसाने वाली गर्मी से परेशान होकर लोग पानी खोजते नजर आए। जहां छांव मिली, वहीं सुस्ताने लगे। कई तो लगातार चलते रहने की वजह से चक्कर खाकर गिर गए। एसआरएन अस्पताल के बाहर एक बुजुर्ग गिरे तो उन्हें ट्रॉमा सेंटर में उपचार के बाद शाम को छोड़ा गया। उल्टी-दस्त, गला खराब होने, शरीर जलने, बुखार होने जैसी शिकायतें लेकर भी लोग अस्पताल पहुंचे।
मौसम विभाग ने शनिवार से लू के थपेड़ों की चेतावनी जारी की है। आने वाले चार दिन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। रात का तापमान भी बढ़ेगा। इन दिनों स्वास्थ्य की देखभाल बेहद अहम हो जाएगी।शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक इविवि के डॉ. शैलेंद्र राय के मुताबिक, 26 को पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बादलों की आवाजाही हो सकती है लेकिन बारिश की उम्मीद नहीं है।
खाली पेट निकलना खतरनाक
मेडिकल कॉलेज के डॉ. आरएन पांडेय के मुताबिक गर्मी में खाली पेट बाहर निकलना बेहद खतरनाक है। पानी थोड़ा-थोड़ा पीते रहना चाहिए। धूप से छांव में आने के बाद तुरंत पानी या कोई भी पेय पदार्थ नहीं पीना चाहिए। चक्कर या मिचली आने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा लेनी चाहिए। बुजुर्गों और बच्चों को बेहद एहतियात से रखने की जरूरत है।
स्कूली बच्चों के चेहरे हुए लाल
त्वचा झुलसाने वाली गर्मी की वजह से स्कूली बच्चे और अस्पताल गए मरीज सर्वाधिक परेशान हुए। दोपहर में छुट्टी के समय रिक्शा ट्रॉली और बस-टेंपो सवार बच्चों के चेहरे तपिश की वजह से लाल दिखे। जाम में रिक्शा फंसने पर बच्चे पानी से मुंह धोते रहे। पीने और मुंह धोने में बच्चों की बोतलें खाली हो गईं। वहीं गमछा, टोपी लगाकर निकले दोपहिया सवार बीच-बीच में पेड़ की छांव में गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते रहे। एसआरएन, कॉल्विन, चिल्ड्रेन और बेली अस्पतालों से बाहर निकले लोग गर्मी में परेशान दिखे।
अप्रैल में तीसरी बार सर्वाधिक तापमान
19 अप्रैल को 44.4 डिग्री सेल्सियस
23 अप्रैल को 44.4 डिग्री सेल्सियस
24 अप्रैल को 45.2 डिग्री सेल्सियस
प्रदेश के सर्वाधिक तापमान वाले जनपद
प्रयागराज- 45.2 - पहला स्थान
वाराणसी-44.3 - दूसरा स्थान
बांदा- 44.2 - तीसरा स्थान
आगरा- 44.0 - चौथा स्थान