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पारे की छलांग, छाए बादल, बारिश के आसार
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Prayagraj weather
- फोटो : CITY DESK
तेज धूप और हवाओं के बदले रुख से मौसमी उटापटक
बूंदाबादी और गरज चमक संग बौछारें बढ़ाएंगी ठंड
प्रयागराज। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के असर से मौसमी उठापटक शुरू हो गई है। मंगलवार को दिन और रात के तापमान ने छलांग लगाई। दिन में धूप खिली तो राहत मिली लेकिन रात में हवाओं की बदली रफ्तार के बीच बादलों ने डेरा जमा लिया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में बारिश की चेतावनी जारी की है। कहा गया कि अंधड़ के साथ ओला वृष्टि भी संभावित है। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापक्रम बढ़ने से कोहरा गिरेगा, बादलों और सूरज में लुकाछिपी का खेल बूंदाबांदी संग कहीं-कहीं बारिश करा सकता है।
मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सूरज तेवर में रहा। सुबह से शाम तक खिली धूप ने ठंड से परेशान लोगों को राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़ोत्तरी के साथ 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री से 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर 100/43 फीसदी रहा। कोहरा सुबह परेशानी का कारण बना रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव हो रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी और हवाओं का बदला रुख बारिश करा सकता है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक अचानक तापक्रम बढ़ने और स्थानीय जलवायु प्रभाव से शीत प्रभाव में उतार-चढ़ाव अभी बना रहेगा। कोहरा गिरने के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि मौसमी उलटफेर अभी 15 जनवरी तक बना रहेगा। कभी धूप होगी तो कभी पहाड़ी ठंडी हवाएं और बारिश मुसीबत बनेंगी।
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सर्द हवाओं से संभालें दिल
ठंडी बर्फीली हवाओं से गिरता तापमान और कड़क हुई ठंड दिल के लिए ठीक नहीं हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में दिल के रोगियों की भरमार है। एसआरएन के डॉ. पीयूष सक्सेना के मुताबिक इन दिनों दिल संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 25 फीसदी बढ़ी है। एंजाइना पेन, फेफड़ों में संक्रमण, धमनियों में सिकुड़न और रक्त संचार बाधित होने की शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि जाड़े के इस मौसम में कान, हाथ, पैर के साथ पूरे शरीर को गरम कपड़ों से ढंक कर ही बाहर निकलें। उच्च रक्तचाप के मरीज हैं तो चिकित्सक की सलाह से जांच कराकर दवाएं लें। पीने के लिए गुनगुना पानी और ताजा सुपाच्य भोजन ही करें। डॉ. पीयूष ने ठंडे पानी से नहाने को आत्मघाती बताया है। कहा गुनगुना पानी ही स्नान में प्रयोग करें।
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बूंदाबादी और गरज चमक संग बौछारें बढ़ाएंगी ठंड
प्रयागराज। पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश के असर से मौसमी उठापटक शुरू हो गई है। मंगलवार को दिन और रात के तापमान ने छलांग लगाई। दिन में धूप खिली तो राहत मिली लेकिन रात में हवाओं की बदली रफ्तार के बीच बादलों ने डेरा जमा लिया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में बारिश की चेतावनी जारी की है। कहा गया कि अंधड़ के साथ ओला वृष्टि भी संभावित है। वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापक्रम बढ़ने से कोहरा गिरेगा, बादलों और सूरज में लुकाछिपी का खेल बूंदाबांदी संग कहीं-कहीं बारिश करा सकता है।
मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सूरज तेवर में रहा। सुबह से शाम तक खिली धूप ने ठंड से परेशान लोगों को राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़ोत्तरी के साथ 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7.9 डिग्री से 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का स्तर 100/43 फीसदी रहा। कोहरा सुबह परेशानी का कारण बना रहा।
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मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव हो रहा है। पहाड़ों पर बर्फबारी और हवाओं का बदला रुख बारिश करा सकता है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक अचानक तापक्रम बढ़ने और स्थानीय जलवायु प्रभाव से शीत प्रभाव में उतार-चढ़ाव अभी बना रहेगा। कोहरा गिरने के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। उन्होंने बताया कि मौसमी उलटफेर अभी 15 जनवरी तक बना रहेगा। कभी धूप होगी तो कभी पहाड़ी ठंडी हवाएं और बारिश मुसीबत बनेंगी।
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सर्द हवाओं से संभालें दिल
ठंडी बर्फीली हवाओं से गिरता तापमान और कड़क हुई ठंड दिल के लिए ठीक नहीं हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में दिल के रोगियों की भरमार है। एसआरएन के डॉ. पीयूष सक्सेना के मुताबिक इन दिनों दिल संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या करीब 25 फीसदी बढ़ी है। एंजाइना पेन, फेफड़ों में संक्रमण, धमनियों में सिकुड़न और रक्त संचार बाधित होने की शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी है कि जाड़े के इस मौसम में कान, हाथ, पैर के साथ पूरे शरीर को गरम कपड़ों से ढंक कर ही बाहर निकलें। उच्च रक्तचाप के मरीज हैं तो चिकित्सक की सलाह से जांच कराकर दवाएं लें। पीने के लिए गुनगुना पानी और ताजा सुपाच्य भोजन ही करें। डॉ. पीयूष ने ठंडे पानी से नहाने को आत्मघाती बताया है। कहा गुनगुना पानी ही स्नान में प्रयोग करें।