prayagraj violence : पोस्टर से चिह्नित अखलाक सहित छह आरोपी भेजे गए जेल
अटाला उपद्रव में अज्ञात आरोपियों को चिह्नित करने के लिए पुलिस ने पोस्टर जारी किए थे। इन पोस्टरों में उन उपद्रवियों की तस्वीरें थीं जो सीसीटीवी व वीडियो फुटेज से चिह्नित किए गए थे। पोस्टर जारी होने के बाद स्थानीय लोगों की ओर से आरोपियों के बारे में पुलिस अफसरों को सूचनाएं दी गईं।
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अटाला बवाल मामले में पोस्टर से चिह्नित किए गए सभी छह आरोपी रविवार को जेल भेज दिए गए। इनमें करेली का अखलाक भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव में अखलाक की बेहद अहम भूमिका थी। नमाज के बाद नारेबाजी से लेकर पुलिस पर हमले तक वह भीड़ में सबसे आगे रहा।
अटाला उपद्रव में अज्ञात आरोपियों को चिह्नित करने के लिए पुलिस ने पोस्टर जारी किए थे। इन पोस्टरों में उन उपद्रवियों की तस्वीरें थीं जो सीसीटीवी व वीडियो फुटेज से चिह्नित किए गए थे। पोस्टर जारी होने के बाद स्थानीय लोगों की ओर से आरोपियों के बारे में पुलिस अफसरों को सूचनाएं दी गईं। इसी के आधार पर छह आरोपियों को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। इनमें अखलाक भी शामिल है।
रविवार को इन सभी आरोपियों को कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया गया। इनमें अखलाक के अलावा अब्दुल रसीद निवासी हटिया मुट्ठीगंज, मो. अरमान निवासी मुन्ना मस्जिद करेली, आतिफ अहमद निवासी गौसनगर करेली, जकी अहमद निवासी अबूबकरपुर करेली और अब्दुल रहमान निवासी अतरसुइया शामिल हैं।
उपद्रवियों की भीड़ में सबसे आगे नजर आया
अटाला उपद्रव मामले में गिरफ्तार कर रविवार को जेल भेजा गया करेली का अखलाक बवाल के मुख्य किरदारों में शामिल था। घटना के वीडियो व सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि पुलिसकर्मियों से सबसे ज्यादा उग्रता से पेश आनेवालों में वह मुख्य था। उपद्रवियों की भीड़ में वह सबसे आगे तो था ही, समझाने पर पुलिस अफसरों से भी भिड़ गया था।
अखलाक करेली में चेतना ब्वॉयज इंटर कॉलेज के पास का रहने वाला है। वह करेली स्थित अली मस्जिद में साफ-सफाई का काम करने के साथ ही चंदे की रकम का हिसाब-किताब रखता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि अटाला बवाल से संबंधित पोस्टर में भी उसकी तस्वीर थी। दरअसल सीसीटीवी व सर्विलांस कैमरों की फुटेज देखने पर उपद्रव करने वाली भीड़ में वह सबसे आगे नजर आया था। पुलिस पर पथराव में भी वह आगे ही था। समझाने की कोशिश पर वह पुलिस अफसरों से भी भिड़ गया था। फुटेज देखने से ही यह भी बात सामने आई थी कि पुलिसकर्मियों को लेकर सबसे ज्यादा क्रूरता भी उसने ही दिखाई थी।
पूरे शहर में जुलूस निकालने की दी धमकी
एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि बवाल के दौरान अखलाक मरने-मारने पर अमादा था। वह मूल रूप से बारा के पडुआ गांव का रहने वाला है। पिछले दो साल से वह अली मस्जिद में काम कर रहा था। बवाल के दौरान जब भीड़ को समझाते हुए वापस जाने को कहा गया तो उसने ही सबसे पहले यह कहा कि कुछ भी हो जाए, हम वापस नहीं जाएंगे। यही नहीं उसने पूरे शहर में जुलूस निकालने की भी बात कही थी।
हिंसा भड़काने में थी मुख्य भूमिका
पुलिस अफसरों का कहना है कि 42 साल का अखलाक आठवीं तक पढ़ा है। उसने उपद्रव के दौरान बवाल शांत कराने की कोशिशों में जुटे अफसरों को धमकी भी दी थी। जब अफसरों ने उसे समझाने की कोशिश की, तो उसने उन्हें धमकाया था। चीखते हुए कहा कि वह चाहें तो उसे गोली मार दें। यही नहीं, सामने आकर रास्ता रोकने की कोशिश करने पर जब उसे खदेड़ा गया, तो वह पीछे स्थित गली में भाग गया और पथराव शुरू कर दिया। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि उसके ही उकसाने पर भीड़ में शामिल अन्य युवक भी पथराव करने लगे थे।
कैदियों पर रखी जा रही पैनी नजर
अटाला बवाल में जेल भेजे गए कई अन्य बंदियों की भी जेल जल्द ही बदली जा सकती है। जेल के भीतर इनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। मिलने-जुलने के लिए आने वालों का भी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि अब तक कुल 97 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें से 10 की जेल बदली गई है। लेकिन अब भी अटाला बवाल से संबंधित 87 बंदी नैनी जेल की अलग-अलग बैरकों में निरुद्ध हैं। अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य बंदियों की भी जेल बदली जा सकती है।