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Prayagraj: घर में छापता था नकली नाेट, फिर बाजार में खपाता था, आखिरकार आ ही गया पुलिस की गिरफ्त में
Wed, 16 Mar 2022 01:21 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 16 Mar 2022 01:21 AM IST
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rupees
- फोटो : social media
सिविल लाइंस बस अड्डे पर बड़ी मात्रा में नकली नोटों के साथ एक युवक गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से कुल 16100 रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला है कि वह खुद ही घर पर प्रिंटिंग मशीन से नोट छापकर इसे बाजार में खपाता था। फिलहाल देर रात तक उससे पूछताछ की जाती रही।
पकड़ा गया युवक करछना के सेमरी गांव का रहने वाला शिवबहादुर पुत्र मेघनाथ यादव है। वह वर्तमान में झूंसी में किराये के कमरे में रहता है और ऑटो भी चलाता है। मंगलवार दोपहर में वह जंक्शन से सवारी लेकर रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचा। यहां एक यात्री ने उसे 200 रुपये का नोट दिया, जिस पर उसने उसे 150 रुपये वापस किए। नोटों पर शक होने पर उसने ठीक से देखा तो पता चला कि नोट नकली हैं।
जिस पर यात्री ने उसे दबोच लिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और तलाशी ली गई तो उसके जेब से 500 व 100 रुपये के कई नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले आई। यहां तलाशी में उसके कब्जे से कुल 16100 रुपये मूल्य के नोट बरामद हुए। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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घर में ही छापता था नकली नोट
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान जब आरोपी से यह पूछा गया कि उसे नकली नोट कहां से मिले, तो उसने बताया कि वह घर में ही नकली नोट छापता है। बताया कि पहले वह साइबर कैफे चलाता था, ऐसे में उसे कंप्यूटर की जानकारी है। बाद में घाटा होने पर उसने साइबर कैफे बंद कर दिया। लेकिन इसी दौरान उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया। फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए कुछ नकली नोट छापकर उसने बाजार में चला दिए। इसके बाद से वह लगातार नकली नोट बाजार में खपाने लगा।
झूठ तो नहीं बोल रहा, पता लगा रही पुलिस
आरोपी ने भले ही नोट घर में छापने की बात कही हो, लेकिन पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि उसके तार किसी नकली नोट तस्कर गिरोह से तो नहीं जुड़े। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि फिलहाल उसने किसी को नोट सप्लाई करने की बात से इंकार किया है। लेकिन उसके मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही उसके बारे में अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।
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पकड़ा गया युवक करछना के सेमरी गांव का रहने वाला शिवबहादुर पुत्र मेघनाथ यादव है। वह वर्तमान में झूंसी में किराये के कमरे में रहता है और ऑटो भी चलाता है। मंगलवार दोपहर में वह जंक्शन से सवारी लेकर रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचा। यहां एक यात्री ने उसे 200 रुपये का नोट दिया, जिस पर उसने उसे 150 रुपये वापस किए। नोटों पर शक होने पर उसने ठीक से देखा तो पता चला कि नोट नकली हैं।
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जिस पर यात्री ने उसे दबोच लिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई और तलाशी ली गई तो उसके जेब से 500 व 100 रुपये के कई नकली नोट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले आई। यहां तलाशी में उसके कब्जे से कुल 16100 रुपये मूल्य के नोट बरामद हुए। सिविल लाइंस पुलिस ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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घर में ही छापता था नकली नोट
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान जब आरोपी से यह पूछा गया कि उसे नकली नोट कहां से मिले, तो उसने बताया कि वह घर में ही नकली नोट छापता है। बताया कि पहले वह साइबर कैफे चलाता था, ऐसे में उसे कंप्यूटर की जानकारी है। बाद में घाटा होने पर उसने साइबर कैफे बंद कर दिया। लेकिन इसी दौरान उसे नकली नोट छापने का आइडिया आया। फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर के जरिए कुछ नकली नोट छापकर उसने बाजार में चला दिए। इसके बाद से वह लगातार नकली नोट बाजार में खपाने लगा।
झूठ तो नहीं बोल रहा, पता लगा रही पुलिस
आरोपी ने भले ही नोट घर में छापने की बात कही हो, लेकिन पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि उसके तार किसी नकली नोट तस्कर गिरोह से तो नहीं जुड़े। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि फिलहाल उसने किसी को नोट सप्लाई करने की बात से इंकार किया है। लेकिन उसके मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ ही उसके बारे में अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।