फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   prayagraj: There was also a threat of grasshopper among Corona,

prayagraj: दो दिन में आ सकते हैं आकाश के आतंकी

Mon, 25 May 2020 12:05 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 25 May 2020 12:05 AM IST
विज्ञापन
prayagraj: There was also a threat of grasshopper among Corona,
Grasshopper - फोटो : Social Media

कोरोना महामारी के बीच आकाश से टिड्डों का खतरा मंडराने लगा है। 50 लाख से एक करोड़ टिड्डे यहां दो से तीन दिनों में पहुंच सकते हैं। हवा ने साथ नहीं दिया तो हमला गंगापार या यमुनापार किसी भी तरफ से हो सकता है। इसे लेकर प्रशासन पहले ही एलर्ट जारी कर चुका है। बचाव के लिए फायर ब्रिगेड, टैंकर के साथ दवाएं भी मंगा ली गई हैं। 

विज्ञापन


पाकिस्तान से निकला टिड्डों का झांसी तक पहुंच चुका है। सुबह हवा के रुख से उम्मीद जगी थी कि मध्य प्रदेश से होते हुए वापस हो जाएगा लेकिन दिन में फिर से इस तरफ दबाव बढ़ गया है। चूंकि टिड्डे हवा के साथ आगे बढ़ते हैं, ऐसे में हवा का रुख इधर की तरफ बना रहा तो दो से तीन दिनों में उनके यहां पहुंचने की आशंका है। इसे देखते हुए उन पर छिड़काव के लिए दवाएं मंगा ली गई हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा आठ फायर ब्रिगेड और डेढ़ दर्जन टैंकर दवा के छिड़काव के लिए आरक्षित कर लिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि हवा की दिशा प्रयागराज की तरफ रही तो दो से तीन दिनों में टिड्डों के यहां पहुंचने की आशंका है। यह हवा पर निर्भर करेगा कि चित्रकूट से यमुनापार होते हुए निकलते हैं या फिर फतेहपुर के रास्ते सोरांव से। उन्हाेंने बताया कि हर तरह की आशंका को देखते हुए तैयारी की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

prayagraj: There was also a threat of grasshopper among Corona,
टिड्डियों का फसलों पर हमला - फोटो : Twitter

हरी फसल, पत्तियां कर जाते हैं चट

टिड्डों का दल रात में जमीन पर उतरता है और सुबह फिर आगे लिए निकलता है। टिड्डे एक दिन अपने वजन का तीन गुना हरी फसल को चट कर जाते हैं। ऐसे में ये इनका झुंड जिधर से गुजरता है वहां की सब्जियों, फल, चारा, अन्य फसलें को काफी नुकसान होता है। हालांकि टिड्डों से बचाव तथा उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगातार उनके साथ चल रही है। इसके बावजूद यहां 50 लाख से एक करोड़ टिड्डों के दल के  पहुंचने की आशंका है।

थाली-ढोल बजाने के साथ दवाओं का करें छिड़काव

टिड्डों से फसलों के बचाव के लिए ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। टिड्डे शाम होते ही खेतों में उतरने लगते हैं। ऐसे में उनका हमला होने पर ग्रामीणों को जगह-जगह एकत्रित होकर ढोल, थाली आदि बजाने की सलाह दी गई है। ढोल, थाली आदि की आवाज से टिड्डे खेतों में नहीं उतरेंगे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कई तरह की दवाओं के छिड़काव से भी फसलों को उनसे बचाया जा सकता है। किसानों को उन दवाओं के छिड़काव की सलाह दी जा रही है।

prayagraj: There was also a threat of grasshopper among Corona,
grasshopper attack - फोटो : Social Media

तीन टुकड़ों में बंट गया है दल

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार टिड्डों का दल तीन हिस्सों में बंट गया है। पहला बड़ा हिस्सा झांसी से बेतवा नदी स्थित सुकवां ढुकवा डैम को पार करके मध्य प्रदेश के वन क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। दूसरा छोटा हिस्सा ललितपुर की ओर गया है। वहीं तीसरा हिस्सा अब भी झांसी के सुकवां गांव के घने जंगल में डेरा डाले है। इसी दल के इधर आने की आशंका है। झांसी में इन पर दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed