{"_id":"63ff1b5bfe6114f99804e9d3","slug":"prayagraj-the-house-demolished-by-the-pda-is-not-atiq-s-benami-property-this-house-belongs-to-zafar-2023-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : पीडीए ने जिस मकान को गिराया वह अतीक की बेनामी संपत्ति नहीं, यह मकान जफर का.","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : पीडीए ने जिस मकान को गिराया वह अतीक की बेनामी संपत्ति नहीं, यह मकान जफर का.
Wed, 01 Mar 2023 03:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 01 Mar 2023 03:04 PM IST
सार
पीडीए की कार्रवाई के बाद मुहल्ले के लोगों का कहना है कि पीडीए के द्वारा जो मकान गिराया गया है वह अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति नहीं है। यह मकान जफर के नाम पर है और उसने अपने अर्जित धन से इसे खरीदा है।
विज्ञापन
बुलडोजर की कार्रवाई जारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पीडीए की कार्रवाई के बाद मुहल्ले के लोगों का कहना है कि पीडीए के द्वारा जो मकान गिराया गया है वह अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति नहीं है। यह मकान जफर के नाम पर है और उसने अपने अर्जित धन से इसे खरीदा है। जफर की एनओसी के बाद शाइस्ता परवीन को बिजली का कनेक्शन मिला था। ये मकान ज़फ़र अहमद खान पुत्र मोहम्मद हबीब खान एडवोकेट निवासी बांदा द्वारा सा जनवरी 2021 को अपने धन से खरीदा गया था।
जिसके ठीक सामने शाइस्ता परवीन का मायका है। अतीक अहमद का चकिया स्थित मकान गिरने के बाद वो अपने मायके में ही रह रही थी। ज़फ़र अहमद द्वारा इस मकान को खरीदे जाने के बाद शाइस्ता परवीन ने जफर अहमद से इस मकान को किराए पर ले लिया था। वो और उनका परिवार इसी मकान में वर्ष 2021 से रह रहा था। मकान में बिजली का कनेक्शन भी मकान मालिक के अनापत्ति पर शाइस्ता परवीन के नाम से लगा है। मकान बेनामी नही है।
विज्ञापन
जफर अहमद खान जो बांदा में एएनआई के रिपोर्टर हैं। उनकी स्वर्जित आय से लिया गया है। उन्हें बिना किसी नोटिस के अवैध तरीके से ये ध्वस्तीकरण हो रहा है। यह दावा है जफर के करीबियों का। यह खालिद जफर नहीं है, जिसका नाम लिया जा रहा है। खालिद जफर प्रॉपर्टी डीलर है। जफर अहमद पर फिलहाल एक भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिसके ठीक सामने शाइस्ता परवीन का मायका है। अतीक अहमद का चकिया स्थित मकान गिरने के बाद वो अपने मायके में ही रह रही थी। ज़फ़र अहमद द्वारा इस मकान को खरीदे जाने के बाद शाइस्ता परवीन ने जफर अहमद से इस मकान को किराए पर ले लिया था। वो और उनका परिवार इसी मकान में वर्ष 2021 से रह रहा था। मकान में बिजली का कनेक्शन भी मकान मालिक के अनापत्ति पर शाइस्ता परवीन के नाम से लगा है। मकान बेनामी नही है।
विज्ञापन
जफर अहमद खान जो बांदा में एएनआई के रिपोर्टर हैं। उनकी स्वर्जित आय से लिया गया है। उन्हें बिना किसी नोटिस के अवैध तरीके से ये ध्वस्तीकरण हो रहा है। यह दावा है जफर के करीबियों का। यह खालिद जफर नहीं है, जिसका नाम लिया जा रहा है। खालिद जफर प्रॉपर्टी डीलर है। जफर अहमद पर फिलहाल एक भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस के पास नहीं है।