Air Show Prayagraj : प्रयागराज के आसमां में दिखा देश का अद्भुत शौर्य, सी-295 ने भी की आसमान की सैर
परेड में पहली बार भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो की उड़ान भी शामिल है। गरुड़ ने हाल ही में राष्ट्र की सेवा के 20 वर्ष पूरे किए हैं। परेड के दौरान मध्य वायु कमान में अनुकरणीय योगदान के लिए इंडियन एयर फोर्स की चार इकाइयों में 16 स्क्वाड्रन, 142 हेलिकॉप्टर यूनिट, 901 सिग्नल यूनिट और थ्री बेस रिपेयर डिपो को प्रतिष्ठित यूनिट प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
विस्तार
साहस-शौर्य और पराक्रम के अद्भुत संगम में रविवार को महाकुंभ सरीखे जन सागर के मिलन ने अद्वितीय रूप ले लिया। सेना के घातक लड़ाकू विमानों की गर्जना से आकाश दहल उठा। आठ हजार फीट ऊंचाई से हवा को चीरकर गरजते राफेल, सुखोई, सूर्यकिरण के खतरनाक जखीरे भारत की असीम सैन्य शक्ति के साक्षी बने। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष के साथ वहां मौजूद हर नागरिक का सीना गर्व से भर गया। सौ से अधिक लड़ाकू विमानों ने ढाई घंटे तक रोमांचकारी प्रदर्शन किया।
संगम पर वायु प्रदर्शन दोपहर 2:44 बजे आरंभ हुआ। सबसे पहले दुश्मन के राडार से बचकर निकलने और घातक हमले करने का प्रदर्शन करते हुए संगम पर चिनूक हेलिकॉप्टर ने अपनी ताकत का एहसास कराया। इस दौरान एएन-32 विमान की मदद से आकाशगंगा समूह के 10 वायुवीरों ने जहां आठ हजार फीट ऊंचाई से छलांग लगाकर अदम्य साहस का परिचय दिया, वहीं नए ध्वज के साथ चेतक फाइटर हेलिकॉप्टर ने तिरंगे के साथ तीन के समूह में सलामी दी।
इसके बाद भारतीय वायु सेना के साथ थल सेना के विमानों के रूद्र समूह ने वायु प्रदर्शन को ऐतिहासिक बना दिया। इसके बाद मिग, मिराज, सुखोई के समूहों ने जहां आसमान में गर्जना के साथ तरह-तरह की कलाबाजियां की, वहीं सारंग और सूर्य किरण के करतब ने हर किसी को चकित कर दिया। कभी वंदे मातरम तो कभी विक्ट्री और दिल बनाकर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया।
इस दौरान जंगी बेड़े से फाइटर मिग-21 को विदाई दी गई। उसकी कमान आधुनिक राफेल को सौंपी गई। इसके बाद बतौर मुख्य अतिथि एयर चीफ मार्शल बीआर चौधरी ने सीडीएस अनिल चौहान को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान किले के नीचे वायु सैनिकों का मार्च पास्ट उन क्षणों को और आकर्षक बना रहा था। इस समारोह में प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने किया।
परेड में पहली बार भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो की उड़ान भी शामिल है। गरुड़ ने हाल ही में राष्ट्र की सेवा के 20 वर्ष पूरे किए हैं। परेड के दौरान मध्य वायु कमान में अनुकरणीय योगदान के लिए इंडियन एयर फोर्स की चार इकाइयों में 16 स्क्वाड्रन, 142 हेलिकॉप्टर यूनिट, 901 सिग्नल यूनिट और थ्री बेस रिपेयर डिपो को प्रतिष्ठित यूनिट प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
हवाई प्रदर्शन में भारतीय वायुसेना के 108 विमानों के साथ-साथ भारतीय सेना के एएलएच ध्रुव हेलिकॉप्टर और नौसेना के एक पी-81 विमान भी शामिल हुए। प्रदर्शन में वायुसेना की प्रसिद्ध प्रदर्शन टीमें, सूर्य किरण और सारंग शामिल हुईं। हाल ही में वायुसेना में शामिल हुए सी-295 परिवहन विमान भारत में किसी भी हवाई प्रदर्शन में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की। इस दौरान मिग-21 बाइसन वर्ष 2025 तक योजनाबद्ध चरणबद्ध तरीके से समाप्त होने से पहले, आज एक हवाई प्रदर्शन में अपनी आखिरी उपस्थिति दर्ज कराई।
दोपहर 2:50 से शुरू हुआ एयर शो
संगम क्षेत्र में एयरफोर्स का एयर शो दोपहर 2:50 बजे शुरू हुआ। इस दौरान फारमेशन भीष्म के तहत दो चिनूक हेलिकॉप्टर संगम के ऊपर अपना प्रदर्शन किया। इसके बाद आकाश गंगा टीम के दस जवान एएन-32 विमान से तकरीबन आठ हजार फीट की ऊंचाई से नीचे छलांग लगाई। जो तिरंगा एवं अन्य रंग के पैराशूट के जरिये नीचे उतरे। इसके बार चेतक, किरण एमके टू, जगुआर, एएलएच एमके थ्री, एलसीएच, अपाचे अपना प्रदर्शन करेंगे।
फिर विंटेज विमान टाइगरमोथ, हावर्ड का प्रदर्शन होगा। डकोटा, पीलाटस, सी-295, सी-130, एएन-32, डीओ-228, एईडब्ल्यू एंड सी, मिग्-29, आईएल-76, एमटूके, राफेल, सूखोई, जगुआर, तेजस, एलसीए आदि विमानों का प्रदर्शन होगा। सारंग टीम भी दिल भेदता तीर, डायमंड आदि को आसमान में बनाएगी। इसके पूर्व सुबह बमरौली में आयोजित परेड में भी आकाश गंगा टीम के सदस्य पैराशूट के जरिये नीचे उतरेंगे। वहां सेना के बैंड पर वायु योद्धाओं का मार्च पास्ट होगा।