फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj's banner installed on the platform number one of the junction

जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर लगा दिया प्रयागराज का बैनर

Thu, 18 Oct 2018 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 18 Oct 2018 01:46 AM IST
विज्ञापन
Prayagraj's banner installed on the platform number one of the junction
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने की मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्र रक्षक समूह ने बुधवार को  हिंदू गौरव दिवस मनाया गया। इस दौरान समूह से जुड़े कार्यकर्ता इलाहाबाद जंक्शन पहुंच गए। यहां जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक के दिल्ली छोर पर लगे इलाहाबाद जंक्शन के बोर्ड पर कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज लिखा हुआ बैनर लगा दिया। इस दौरान केंद्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार को बधाई भी दी गई।
विज्ञापन


राष्ट्र रक्षक समूह से जुड़े सदस्यों ने कहा कि 444 वर्ष के बाद यह मौका आया कि जब इलाहाबाद को उसका वास्तविक  नाम प्रयागराज दुबारा मिल गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं  ने मिठाई बांटकर भी अपनी खुशी का इजहार किया। समूह से जुड़े देवेंद्र  प्रताप सिंह, देवांशु मेहता, राकेश हिंदुस्तानी, अभिषेक गुप्ता, मंधीर मिश्र आदि ने कहा कि समूह का मानना है कि कहीं ना कहीं अकबर के द्वारा भारतीय मान्यता और मर्यादा को धूल दूषित करने के उद्देश्य से ही प्रयागराज का नाम बदला गया था। ताकि भारत का आत्म गौरव बाधित हो सके। अब योगी सरकार ने शहर को  उसका पुराना नाम  दिया  है। इसे  लिए सीएम को बधाई। इस अवसर पर सुखनंदन केसरवानी, रोहित केसरवानी, बब्बन सिंह चौहान ,मुन्ना शर्मा, अश्विनी केशरवानी, आलोक शर्मा, आकाश यादव, शुभम गुप्ता, पीरू सिंह चौहान, सुजीत चतुर्वेदी ,अदिति मिश्रा ,अटल विश्वास आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने के निर्णय की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी जमकर चर्चा हो रही है। दुनिया के तमाम देशों के प्रमुख अखबारों ने इस पर टिप्पणियों के साथ समाचार प्रकाशित किए हैं। ब्रिटेन के प्रमुख अखबार द गार्डियन ने लिखा कि, कट्टर हिंदूवादी सरकार ने एक शहर का मुस्लिम नाम बदलकर हिंदू मान्यता से जुड़ा रख दिया। अखबार ने लिखा है, राज्य सरकार ने शहर के पुराने नाम को फिर से बहाल कर दिया। इसका पुराना नाम प्रयाग ही था, जिसे मुगल काल में 16 वीं सदी के आखिरी में इलाहाबाद कर दिया गया था। अखबार ने इस शहर के नेहरू-गांधी खानदान से भी संबंधों का जिक्र किया। ब्रिटेन के ही दूसरे अखबार द इंडिपेंडेंट ने लिखा, इस बदलाव का मकसद पुराने नाम को बहाल करना है। मुस्लिम शासक अकबर ने प्रयाग का नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था। इसी शहर में कुंभ मेले का आयोजन होता है। लंबे समय से दक्षिणपंथी हिंदू समूह नाम बदलने की मांग कर रहे थे। राज्य की हिंदूवादी सरकार ने शहर का नाम इस वजह से बदल दिया क्योंकि यह मुस्लिम नाम था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मध्य पूर्व के प्रमुख मीडिया घराना अल-जजीरा ने स्थानीय मीडिया का हवाला देते हुए लिखा कि उप्र सरकार ने अपने एक ऐतिहासिक शहर का मुस्लिम नाम बदलकर हिंदुओं की मान्यताओं से जुड़ा नाम रख दिया है। लिखा कि इस शहर का प्रयागराज नाम गंगा और यमुना नदी के संगम की ओर इशारा करता है। एक कांग्रेस नेता के हवाले से अखबार ने कहाकि इस शहर का नाम बदलने से आजादी की लड़ाई में इस शहर के योगदान पर असर पड़ता है।


कई आलोचकों का कहना है इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी सरकार भारत के विविधता से भरे इतिहास और पहचान को मिटाने की कोशिश कर रही है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने कई जगहों के नाम बदलने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया में भी इलाहाबाद के नाम बदलने की चर्चा खूब रही। डेली पाकिस्तान ने योगी के इस फैसले पर लिखा कि भारत आधिकारिक रूप से धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन, भाजपा चुनावों में हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडों को पेश करती है। बीजेपी के कई नेताओं पर हिंदुओं को लामबंद करने के लिए मुस्लिम विरोधी बयान देने के आरोप हैं। कतर के गल्फ टाइम्स ने इस खबर को आक्रामक तरीके से पेश करते हुए लिखा है कि अगले साल होने वाले कुंभ से पहले ये फैसला बड़ा माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed