प्रयागराजः नाले में गिरकर बच्चे की मौत के बाद बवाल, लाठीचार्ज
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औद्योगिक क्षेत्र के पूरा पांडेय अजवाईया गांव का रहने वाला लालजी राजगीर मिस्त्री का काम करता है। उसका पांच साल का बेटा कृष्णा पास के ही विद्यालय में यूकेजी में पढ़ता था। रविवार को खाना खाने के बाद दोपहर करीब 11.30 बजे कृष्णा घर के बाहर खेल रहा था। जब काफी देर तक वह नहीं दिखा तो उसकी मां आरती ने खोजबीन शुरू की। आसपास के लोगों ने बताया कि कृष्णा सरस्वती हाईटेक सिटी परिसर में पतंगबाजी देखने जा रहा था। जहां तक पहुंचने के लिए हाईटेक सिटी की आरसीसी रोड के किनारे बने 15 फीट गहरे नाले को पार करना पड़ता है, जो जगह-जगह खुला हुआ है। ग्रामीणों ने नाले में खोजबीन शुरू की तो पता चला कि नाले में छह फीट गहरा पानी भरा है।
करीब एक घंटे बाद कृष्णा का शव उसी नाले में मिल गया। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने आरसीसी रोड एवं सरस्वती हाईटेक सिटी में निर्माण कार्य करा रही कंस्ट्रक्शन कंपनी में पहुंचकर तोड़फोड़ शुरू कर दी। चार बाइक, तीन हाईवा ट्रक, चार टैंकर, एक जेसीबी मशीन क्षतिग्रस्त करने के साथ-साथ स्टोर रूम, आफिस रूम और वहां लगे कंप्यूटर सेट में तोड़फोड़ की गई। विरोध करने पर विजय कुमार पुत्र शिवलाल निवासी बिहार, राम प्रवेश व मेदन कुमार पुत्र सतसैनी निवासी बिहार समेत आधा दर्जन कर्मचारियों पर हमलाकर लहुलूहान कर दिया। करीब पांच घंटे बाद देर शाम 7.30 बजे जब एसडीएम करछना रत्नप्रिया त्रिपाठी व सीओ सच्चिदानंद के समझाने पर मामला शांत हुआ। इंस्पेक्टर औद्योगिक क्षेत्र महेश सिंह ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है और न ही अभी तक किसी पक्ष से कोई तहरीर आई है।
कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रति ग्रामीणों का आक्रोश इस कदर था कि उसकी जद में पुलिस वाले भी आ गए। जिस वक्त ग्रामीण कंस्ट्रक्शन में घुसकर तोड़फोड़ एवं मारपीट कर रहे थे, उस वक्त औद्योगिक क्षेत्र थाने के दो सिपाही विजय शंकर यादव व रामानंद यादव से भिड़ गए । दोनों सिपाहियों से हाथापाई की और उनके चश्मे एवं गाड़ी तोड़ दी। भीड़ के गुस्से का शिकार हुए दोनों सिपाही किसी तरह से जान बचाकर वहां से भागे और आला अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद मौके पर औद्योगिक क्षेत्र पुलिस पहुंची, तब जाकर माहौल शांत हुआ।
खुले नाले और पतंगबाजी बंद कराने की उठी मांग
नैनी (ब्यूरो)। पूरा पांडेय अजवईयां गांव के ग्रामीणों का कहना था कि कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा करीब 15-15 फीट गहरे नाले बनाए गए हैं और उसमें छह फीट पानी भरा है, लेकिन इन नालों को पूरी तरह से ढका नहीं गया है। हर 20 फीट पर नाला खुला हुआ है, जो बहुत खतरनाक है लेकिन कंपनी वाले ध्यान नहीं देते। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के सामने खाली पड़ी सरस्वती हाईटेक सिटी की जमीन पर प्रतिदिन और खासकर छुट्टी के दिन दर्जनों की संख्या में पतंगबाज आते हैं और सट्टा लगाकर पतंगबाजी होती है। गांव के छोटे-छोटे बच्चे वहीं पतंग लूटने के चक्कर में नाला पार करके जाते हैं।
नैनी (ब्यूरो)। नाले में बच्चे के डूबने और ग्रामीणों के बवाल के बाजवूद पतंगबाजों का गिरोह अपने धंधे में व्यस्त था। औद्योगिक क्षेत्र इंस्पेक्टर जब मय टीम पहुंचे और लाठी लेकर पतंगबाजों को दौड़ाया तब जाकर वह कूद फांदकर वहां से भागे। इस दौरान उनकी एक स्पोर्ट बाइक वहीं छूट गई थी, जिसे किसी ने नाले के उसी स्थान पर ले जाकर डाल दिया, जहां मासूम कृष्णा डूबा था।
पांच साल तक जिस बेटे के लिए पूजे पत्थर, उसी को ऊपर वाले ने छीना
नैनी (ब्यूरो)। लाल जी और आरती की शादी के करीब 12 साल हो चुके हैं। गांव के लोगों ने बताया कि करीब पांच साल तक उनके कोई संतान हीं नहीं हो रही थी। काफी दवा और दुआ के बाद कृष्णा पैदा हुआ था, जो मां-बाप के साथ-साथ पूरे परिवार का काफी दुलारा था। आज जब आरती और लाल जी अपने कलेजे के टुकड़े को दोपहर में ढूंढ रहे थे, तो लगातार अपने उसी आराधक का नाम जप रहे थे, जिसकी पूजा अर्चना से कृष्णा पैदा हुआ था। उन्हें भरोसा था कि उनका बेटा जहां भी होगा सुरक्षित होगा लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हुआ नहीं। जब गांव के लोगों ने कृष्णा के शव को नाले से निकाला तो मां आरती, उसकी सास, ननद सब दहाड़ मारकर उस मासूम से लिपट गईं। वह गमगीन माहौल देखकर वहां मौजूद गैरों की भी आंखे नम हो गईं।
एसडीएम करछना।