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इलाहाबाद की पूर्व सांसद सरोज दुबे का दिल्ली में निधन, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रहीं

Sun, 21 Jun 2020 09:57 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 21 Jun 2020 09:57 PM IST
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prayagraj news update today:  Former Allahabad MP Saroj Dubey died in Delhi
prayagraj news - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद से सांसद रहीं सरोज दुबे का रविवार को दिल्ली में निधन हो गया। उनका वहीं अंतिम संस्कार कर दिया गया। खबर यहां आई तो जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक व्याप्त हो गया। 
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जद यू नेता इंद्र बहादुर सिंह को यह सूचना पूर्व सांसद सरोज दुबे के पुत्र अनुराग दुबे ने दी। इंद्र बहादुर ने कहा कि मृदुभाषी, संघर्षशील नेता होने के साथ-साथ वह हमारी अभिभावक भी थीं। शहर छोड़ने के बाद भी यहां के लोगों और करीबियों से नाता बना रहा। 
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पूर्व सांसद सरोज दुबे के पति न्यायमूर्ति जेएन द्विवेदी इलाहाबाद हाईकोर्ट में थे। यहां से उनका तबादला पटना हाईकोर्ट हुआ। तब सरोज दुबे भी वहां चली गईं। इससे पहले वह यहां श्यामाचरण गुप्ता को पराजित कर पहली बार लोकसभा सदस्य बनीं। फिर राष्ट्रीय जनता दल से जुड़ीं। राजद ने उन्हें राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित कराया। वह राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रहीं। 
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कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने पूर्व सांसद को संवेदनशील नेता बताया। बकौल पूर्व विधायक वर्ष 1984 में कांग्रेस की लहर थी। दिसंबर में हुए लोकसभा चुनाव में मिलेनियम स्टार अमिताभ बच्चन ने यहां से लोकसभा चुनाव जीता था। इस चुनाव में राजनीति के धुरंधर हेमवती नंदन बहुगुणा पराजित हुए थे। इसके तुरंत बाद वर्ष 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में शहर उत्तरी से कांग्रेस ने सरोज दुबे को टिकट दिया। उनके खिलाफ खड़े हुए जनता दल के टिकट से छात्रनेता रहे अनुग्रह नारायण सिंह।

इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में अनुग्रह नारायण सिंह ने सरोज दुबे को करीब साढ़े आठ हजार मतों से हराया था। अनुग्रह सिंह बताते हैं कि चुनाव में हार के बाद भी उनका व्यवहार नहीं बदला। वह जब भी जहां मिलतीं सस्नेह हालचाल लेती थीं। बोफोर्स कांड के बाद पूर्व पीएम रहे वीपी सिंह कांग्रेस से अलग हुए तो जनता दल में कई दलों का विलय हुआ। इसके बाद वर्ष 1991 के चुनाव में सरोज दुबे करीब पांच हजार वोटों से श्यामाचरण गुप्ता को मात देकर सांसद बनीं। उनके निधन का समाचार यहां आया तो जनता दल के नेताओं और उनके करीबी शोक में डूब गए। 

सरोज दुबे नहीं जनसेवक नेता चला गया

त्रिवेणी संस्था कल्याण समिति की रविवार को हुई शोक सभा ने वक्ताओं ने पूर्व सांसद सरोज दुबे के निधन पर शोक जताते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। 


पूर्व सांसद के पारिवारिक सदस्य ट्रेड यूनियन नेता फूलचंद्र दुबे ने ऑनलाइन शोक सभा में कहा कि हमने पूर्व सांसद सरोज दुबे को नहीं, बल्कि जनसेवक नेता खो दिया। उन्होंने कहा कि बीपीसील को बचाने के लिए उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी बाजपेयी से वार्ता कर पुनरुद्धार पैकेज दिलाया था। शोक सभा में भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्र बदादुर सिंह, मजदूर नेता केके मिश्रा, राजीव चंदेल, बीपीसीएल कर्मचारी यूनियन के ओपी तिवारी, राजेश मिश्रा, आरएलडी दुबे, श्री राम यादव आदि ने पूर्व सांसद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा की।
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