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सावन की झड़ी, मुसीबत बढ़ी
Mon, 06 Jul 2020 11:20 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 Jul 2020 11:20 PM IST
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बारिश के बीच सड़कों से गुजरते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
आठ दिन बाद सावन के पहले सोमवार को दिन भर बारिश की झड़ी लगी रही। कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश ने गर्मी से तो राहत तो दी लेकिन जलभराव और कीचड़ से मुसीबत बढ़ गई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पूरे सप्ताह बादलों का डेरा बना रहेगा। गरज चमक संग बारिश के आसार हैं। इस बीच धूप निकली भी तो कमजोर रहेगी।
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फुटपाथों पर छप-छप, मेडिकल चौराहे पर भरा गंदा पानी
मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटे में 28.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा इस साल अब तक की सबसे अधिक बारिश का है। सोमवार भोर में हुई तेज बारिश से शहर के कई मोहल्ले लबालब हो गए। रात का जलजमाव सुबह कीचड़ और फिसलन के रूप में मुसीबत बना। शहर के मेडिकल चौराहे पर भरा पानी राहगीरों के लिए नरक बना रहा। करीब एक फीट लगा गंदा पानी बूंदाबांदी में भी परेशानी का कारण बना।
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वहीं शहर के दरियाबाद, रानीमंडी, अबूबकरपुर, राजरूपपुर, खुल्दाबाद, करेली, अल्लापुर, अलोपीबाग जीटी जवाहर चौराहा. बैरहना समेत कई इलाकों में पानी तो निकला लेकिन फुटपाथ भरे रहे। नालियों का गंदा पानी हर तरफ भरा रहा। सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके के पक्के फुटपाथों पर बारिश का पानी लगा रहा। निरंजन डॉट पुल के नीचे, बैरहना में काल भैरव मंदिर के पास और मेडिकल चौराहे पर जलभराव से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। शिवकुटी में रेलवे अंडर पास पुल के नीचे दो फीट पानी लगने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हुई। यहां की समस्या लाइलाज बनी है।
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पारा लुढ़का, उमस ने सताया
सोमवार को हुई बारिश से अधिकतम तापमान करीब चार डिग्री कम होकर 30.3 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान मामूली अंतर के साथ कुछ कम होकर 26 डिग्री सेल्सियस पर टिका। वातावरण में नमी उच्चतम 100 तो न्यूनतम 76 फीसदी रही। नमी बढ़ने के बावजूद उमस सताती रही।
मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा के मुताबिक मानसून जोर पकड़ चुका है। पश्चिम बंगाल से आने वाली हवाओं को स्थानीय चक्रवात का साथ बारिश करा रहा है। यह स्थिति अभी बनी रहेगा।