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Prayagraj: बादलगंज फ्लाईओवर की दीवार ढही, 3 मजदूर दबे, एक की मौत
Sat, 22 Aug 2020 10:04 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 22 Aug 2020 10:04 AM IST
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flyover
- फोटो : अमर उजाला
रीवा नेशनल हाईवे पर स्थित एनएचएआई के बादलगंज फ्लाई ओवर पर शुक्रवार की शाम निर्माणाधीन सपोर्टिंग वॉल ढहने से तीन मजदूर दब गए। इस हादसे में मिट्टी के मलबे में दबे एक मजदूर की मौत हो गई। जबकि, दो मजदूरों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने निर्माण कराने वाली कंपनी के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और जान गंवाने वाले मजदूर के आश्रित परिवार को मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया है।
बादलगंज फ्लाई ओवर पर सपोर्टिंग वॉल निर्माण के दौरान हादसा शाम करीब चार बजे हुआ। भोपाल की कंपनी डीबीएल को इस फ्लाईओवर का ठेका दिया गया है। एनएचएआई अफसरों के मुताबिक फ्लाई ओवर के दाहिने और बाएं तरफ रेलवे पुल से जुड़ने वाले हिस्से के पास मिट्टी बैठने की वजह से गड्ढे बन जा रहे थे। इसे रोकने के लिए फ्लाईओवर के पूर्वी हिस्से में नीचे से सर्पोटिंग दीवार बनाई जा रही थी।
डीबीएल ने इसके लिए राम नेवाज पुत्र राम बहादुर निवासी सहगोई, सौरिक, कन्नौज को पेटी कांट्रेक्टर के रूप में ठेका दिया था। नेवाज अपने गांव से पांच मजदूरों हिमांशु (28), उसके भाई सुरजीत (26) पुत्र जयवीर, अमित कुमार, जेंडर व मंजे को अपने साथ लाया था। शुक्रवार को पांचों मजदूर सपोर्टिंग दीवार का निर्माण कर रहे थे।
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इस दौरान न तो ट्रैफिक रोका गया था और न ही इस रूट पर डायवर्जन ही किया गया। इसकी वजह से फ्लाई ओवर से वाहनों का आना जाना लगा रहा। वाहनों की आवाजाही की ही वजह से शाम को करीब चार बजे ऊपर की मिट्टी भरभरा कर ढह गई। इससे गड्ढे में काम कर रहे रामनेवाज, हिमांशु और सुरजीत दब गए। शोर मचने पर आस-पास के लोग दौड़कर पहुंचे। इस हादसे की जानकारी ठेका कंपनी के साथ ही एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय को दी गई।
जानकारी मिलने पर जेसीबी मंगाकर तत्काल मलबा हटाकर हिमांशु और सुरजीत को पहले निकाला गया , लेकिन रामनेवाज ज्यादा नीचे दबा था, इसलिए उसे जेसीबी से निकालना संभव नहीं हो सका। लोगों ने फावड़े से मिट्टी हटाकर करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इस दौरान दम घुटने से रामनेवाज की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जबकि दोनों घायलों को उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। जान गंवाने वाले मजदूर के अलावा घायलों के परिवारवालों को हादसे की जानकारी दे दी गई है।
फ्लाईओवर पर सपोर्टिंग वॉल के निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से हादसे में एक मजदूर की मौत दम घुटने से हो गई है। कंपनी को जान गंवाने वाले मजदूर के आश्रितों को शीघ्र मुआवजा देने और घायलों का समुचित इलाज कराने के लिए कंपनी को कहा गया है। एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।
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बादलगंज फ्लाई ओवर पर सपोर्टिंग वॉल निर्माण के दौरान हादसा शाम करीब चार बजे हुआ। भोपाल की कंपनी डीबीएल को इस फ्लाईओवर का ठेका दिया गया है। एनएचएआई अफसरों के मुताबिक फ्लाई ओवर के दाहिने और बाएं तरफ रेलवे पुल से जुड़ने वाले हिस्से के पास मिट्टी बैठने की वजह से गड्ढे बन जा रहे थे। इसे रोकने के लिए फ्लाईओवर के पूर्वी हिस्से में नीचे से सर्पोटिंग दीवार बनाई जा रही थी।
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डीबीएल ने इसके लिए राम नेवाज पुत्र राम बहादुर निवासी सहगोई, सौरिक, कन्नौज को पेटी कांट्रेक्टर के रूप में ठेका दिया था। नेवाज अपने गांव से पांच मजदूरों हिमांशु (28), उसके भाई सुरजीत (26) पुत्र जयवीर, अमित कुमार, जेंडर व मंजे को अपने साथ लाया था। शुक्रवार को पांचों मजदूर सपोर्टिंग दीवार का निर्माण कर रहे थे।
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इस दौरान न तो ट्रैफिक रोका गया था और न ही इस रूट पर डायवर्जन ही किया गया। इसकी वजह से फ्लाई ओवर से वाहनों का आना जाना लगा रहा। वाहनों की आवाजाही की ही वजह से शाम को करीब चार बजे ऊपर की मिट्टी भरभरा कर ढह गई। इससे गड्ढे में काम कर रहे रामनेवाज, हिमांशु और सुरजीत दब गए। शोर मचने पर आस-पास के लोग दौड़कर पहुंचे। इस हादसे की जानकारी ठेका कंपनी के साथ ही एनएचएआई के परियोजना निदेशक एके राय को दी गई।
जानकारी मिलने पर जेसीबी मंगाकर तत्काल मलबा हटाकर हिमांशु और सुरजीत को पहले निकाला गया , लेकिन रामनेवाज ज्यादा नीचे दबा था, इसलिए उसे जेसीबी से निकालना संभव नहीं हो सका। लोगों ने फावड़े से मिट्टी हटाकर करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इस दौरान दम घुटने से रामनेवाज की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जबकि दोनों घायलों को उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल भेज दिया गया। जान गंवाने वाले मजदूर के अलावा घायलों के परिवारवालों को हादसे की जानकारी दे दी गई है।
फ्लाईओवर पर सपोर्टिंग वॉल के निर्माण के दौरान मिट्टी धंसने से हादसे में एक मजदूर की मौत दम घुटने से हो गई है। कंपनी को जान गंवाने वाले मजदूर के आश्रितों को शीघ्र मुआवजा देने और घायलों का समुचित इलाज कराने के लिए कंपनी को कहा गया है। एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।