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छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ कमाई का मौका
Sun, 14 Jun 2020 01:30 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 14 Jun 2020 01:30 AM IST
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- फोटो : Pixabay
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कोरोना काल में एक तरफ नौकरियों को लेकर संकट बढ़ा है तो दूसरी ओर छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ कमाई का मौका भी है। इविवि के अंतरविषयी संस्थान के तहत संचालित सेंटर ऑफ साइंस एंड सोसाइटी के परास्नातक कोर्स डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी में प्रवेश लेकर छात्र-छात्राएं इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।
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इविवि में प्रवेश के लिए इन दिनों आवेदन की प्रक्रिया की चल रही है। जिन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, उनमें परास्नातक कोर्स डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी भी शामिल है। इस कोर्स में वही छात्र प्रवेश ले सकते हैं, जिन्होंने विज्ञान स्नातक में वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान या कृषि विज्ञान विषय लिया हो अथवा कृषि स्नातक हों।
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यूजीसी से मान्यता प्राप्त इस कोर्स में प्रवेश के लिए सत्र 2020-21 में 19 सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। इस कोर्स की फीस इविवि ओर से निर्धारित 1800 रुपये है। परास्नातक की डिग्री के साथ भारत सरकार की ओर से संचालित परियोजनाओं मे कार्य करने का और इसके एवज में पैसे कमाने का अवसर देने वाला यह विवि का अनोखा कोर्स है।
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केंद्र में वर्तमान में डीआइसी (मानव संसाधन और विकास मंत्रालय) और डाक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूरल अर्बन (ग्रामीण विकास मंत्रालय) परियोजना संचालित हैं, जिसमें परास्नातक के छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान कार्य करके पैसे कमा सकते हैं। इस कोर्स के छात्र अगर कोई नया और समाज को लाभ देने वाला कोई कार्य करना चाहते हैं तो उनके लिए केंद्र में संचालित परियोजनाओं के माध्यम से धन एवं तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी।
सेंटर आफ साइंस एवं सोसाइटी का प्लेसमेंट का एक अच्छा रिकार्ड रहा है। 2015 से संचालित इस परास्नातक कोर्स के प्रथम बैच से ही यहां के छात्रों को विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं शोध संस्थाओं ने चयनित किया। वर्तमान में सेंटर ऑफ साइंस एंड सोसाइटी के छात्र-छात्राएं तीन से छह लाख रुपये प्रतिवर्ष के पैकेज पर कार्यरत हैं। सेंटर ऑफ साइंस एंड सोसाइटी में परास्नातक के साथ पीएचडी कार्यक्रम भी संचालित होता है।
वर्तमान में विभिन्न शोध टॉपिक के साथ केंद्र में आठ शोध छात्र हैं। इन्हीं शोधार्थियों ने कोरोना महामारी के मद्देनजर अपने समन्वयक के निर्देशन में एक हर्बल सैनिटाइजर ‘स्पर्श’ का निर्माण किया है।
इविवि में प्रवेश के लिए 56 हजार से अधिक आवेदन
प्रयागराज। इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए 56 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। शनिवार शाम तक 123797 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और इनमें से 56548 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली।
स्नातक में प्रवेश के लिए 59021 एवं 33015, परास्नातक के लिए 26214 एवं 8103, आईपीएस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 14041 एवं 873, बीएएलएलबी के लिए 6785 एवं 3906, एलएलबी के लिए 10875 एवं 6215, बीएड के लिए 3051 एवं 1868, एमएड के लिए 701 एवं 419, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 1003 एवं 581 और एलएलएम के लिए 2106 एवं 1568 क्रमश: रजिस्ट्रेशन एवं आवेदन हुए।