UP : कानून व्यवस्था के मामले में प्रयागराज फिसड्डी, अक्तूबर माह की रैंकिंग में नीचे से दूसरे स्थान पर
दो महीने बाद विश्वस्तरीय महाकुंभ-2025 का आयोजन कराने जा रही प्रयागराज पुलिस कानून व्यवस्था के मामले में फिसड्डी साबित हुई है। सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में प्रदेश के 75 जिलों की सूची में इसे 74वां स्थान मिला है। लगातार हो रहीं आपराधिक वारदातों के साथ ही शिकायतों के पंजीकरण, निस्तारण, विवेचना में लापरवाही इसकी वजह मानी जा रही है।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग के लिए शासन की ओर से कई मानक निर्धारित किए गए हैं। उन्हीं के आधार पर संबंधित विभाग के प्रदर्शन का आकलन करते हुए मार्किंग की जाती है। इस प्रकार किसी जिले को प्राप्त कुल नंबरों के आधार पर उसकी रैंकिंग तय होती है।
कानून व्यवस्था रैंकिंग की बात की जाए तो इसमें मुख्यरूप से पुलिस की ओर से अलग-अलग विषयों पर किए गए प्रदर्शन को मानक बनाया जाता है। इनमें शिकायतों के पंजीकरण, विवेचना में निस्तारण, वारदातों का खुलासा, महिला अपराध व उनमें की गई कार्रवाई, अपराधियों के खिलाफ प्रभावी पैरवी, पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने व रिस्पांस आदि होते हैं।
अक्तूबर माह के लिए शासन की ओर से जो रैंकिंग सूची जारी हुई है, उनमें प्रयागराज का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। इसमें सबसे नीचे आगरा है और इससे पहले प्रयागराज का नाम है। जनपद को 10 में से केवल पांच नंबर मिले हैं। यह हाल तब है जब सीएम डैशबोर्ड में उन विभागों से संबंधित योजनाओं को रखा जाता है, जो सीएम योगी की प्राथमिकताओं में हैं।
कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर से भी पीछे
प्रयागराज की स्थिति इस मामले में भी खराब है। क्योंकि, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर जैसे जिले भी रैंकिंग में इससे ऊपर हैं। कौशाम्बी पांचवें, फतेहपुर 25वें नंबर पर है। जबकि, प्रतापगढ़ को 42वीं रैंक मिली है। बात प्रयागराज रेंज की करें तो कौशाम्बी को छोड़कर अन्य दोनाें जिलों फतेहपुर व प्रतापगढ़ का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं है। उधर, प्रयागराज जोन के जिलों की रैंकिंग की बात करें तो हमीरपुर ने शानदार प्रदर्शन किया है। उसे दूसरी रैंक मिली है। इस जोन में शामिल प्रतापगढ़, कौशाम्बी व फतेहपुर के अलावा चित्रकूट को 12वीं, बांदा 19वें, महोबा 20वें रैंक पर है। जबकि, बरेली जोन का रामपुर 10 में से 8.6 नंबर पाकर प्रदेश में पहले पायदान पर है।