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प्रयागराजः सिपाहियों को धक्का देकर चलती ट्रेन से कूदा कैदी, मौत
Sat, 30 Mar 2019 01:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 Mar 2019 01:56 AM IST
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कैदी
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वाराणसी में पेशी से लौट रहा एक कैदी भीटी और हंडिया के बीच जबरडीहा क्रासिंग के पास सिपाहियों को धक्का देकर चलती ट्रेन से कूद गया। आनन-फानन में चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाकर खोजबीन की गई तो वह हथकड़ी समेत अधमरी हालत में पड़ा मिला। कैदी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से हड़कंप मच गया। पुलिस और जीआरपी के आला अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर कैदी के घर वाले भी मौके पर पहुंच गए।
हंडिया के उपरदहा गांव का रहने वाला विनोद कुमार चौहान पुत्र शालीग्राम लूट के मामले में नैनी जेल में बंद था। उसके खिलाफ वाराणसी के रोहनिया थाने में भी लूट का मुकदमा दर्ज है। शुक्रवार को वाराणसी में विनोद की पेशी थी। तीन सिपाही अश्विनी राय और रमाकांत यादव और हिमांशु यादव उसे लेकर वाराणसी गए थे। वहां पेशी के बाद सिपाही विनोद को लेकर कैंट जंक्शन पहुंचे और कामायनी एक्सप्रेस से प्रयागराज के लिए चल दिए। भीटी आने से पहले विनोद ने कहा कि उसे शौच जाना है। दो सिपाही गेट पर खड़े हो गए। जब विनोद बाहर निकला तो उस वक्त ट्रेन भीटी और हंडिया के बीच में थी।
सिपाहियों के मुताबिक वह बाहर निकलकर हाथ धोने लगा। उसके हाथों में हथकड़ी लगा दी गई थी। उसी समय उसने दोनों सिपाहियों को अंदर की तरफ धक्का दिया और चलती ट्रेन से ही कूद पड़ा। दोनों सिपाहियों के हाथ पांव फूल गए। तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई तब तक ट्रेन काफी आगे बढ़ गई थी। इंस्पेक्टर हंडिया के साथ अन्य थानों को सूचना दी गई। फोर्स ढूंढने में लग गई। करीब घंटे भर बाद विनोद पटरियों के बगल में घायल अवस्था में पड़ा मिल गया। उसकी हालत काफी खराब थी। फोर्स उसे लेकर तुरंत एसआरएन अस्पताल पहुंची। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। तीनों सिपाहियों से घटना के बारे में जानकारी ली गई। जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सूचना पर विनोद के घर वाले भी पहुंच गए।
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हथकड़ी लगी थी, भाग नहीं पाया कैदी
जब कैदी विनोद चौहान ने सिपाहियों से शौच जाने की बात कही तो उसकी हथकड़ी खोल दी गई थी लेकिन, वह जैसे ही बाहर आया, उसे फिर हथकड़ी लगा दी गई। चलती ट्रेन से जब विनोद कूदा तो हथकड़ी की वजह से ही अनियंत्रित होकर गिरा और सिर में चोट लगने की वजह से वहीं गिर गया। पुलिस जब ढूंढने पहुंची तो जहां वह कूदा था, वहीं पड़ा मिला।
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हंडिया के उपरदहा गांव का रहने वाला विनोद कुमार चौहान पुत्र शालीग्राम लूट के मामले में नैनी जेल में बंद था। उसके खिलाफ वाराणसी के रोहनिया थाने में भी लूट का मुकदमा दर्ज है। शुक्रवार को वाराणसी में विनोद की पेशी थी। तीन सिपाही अश्विनी राय और रमाकांत यादव और हिमांशु यादव उसे लेकर वाराणसी गए थे। वहां पेशी के बाद सिपाही विनोद को लेकर कैंट जंक्शन पहुंचे और कामायनी एक्सप्रेस से प्रयागराज के लिए चल दिए। भीटी आने से पहले विनोद ने कहा कि उसे शौच जाना है। दो सिपाही गेट पर खड़े हो गए। जब विनोद बाहर निकला तो उस वक्त ट्रेन भीटी और हंडिया के बीच में थी।
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सिपाहियों के मुताबिक वह बाहर निकलकर हाथ धोने लगा। उसके हाथों में हथकड़ी लगा दी गई थी। उसी समय उसने दोनों सिपाहियों को अंदर की तरफ धक्का दिया और चलती ट्रेन से ही कूद पड़ा। दोनों सिपाहियों के हाथ पांव फूल गए। तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी गई तब तक ट्रेन काफी आगे बढ़ गई थी। इंस्पेक्टर हंडिया के साथ अन्य थानों को सूचना दी गई। फोर्स ढूंढने में लग गई। करीब घंटे भर बाद विनोद पटरियों के बगल में घायल अवस्था में पड़ा मिल गया। उसकी हालत काफी खराब थी। फोर्स उसे लेकर तुरंत एसआरएन अस्पताल पहुंची। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर अधिकारी अस्पताल पहुंच गए। तीनों सिपाहियों से घटना के बारे में जानकारी ली गई। जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सूचना पर विनोद के घर वाले भी पहुंच गए।
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हथकड़ी लगी थी, भाग नहीं पाया कैदी
जब कैदी विनोद चौहान ने सिपाहियों से शौच जाने की बात कही तो उसकी हथकड़ी खोल दी गई थी लेकिन, वह जैसे ही बाहर आया, उसे फिर हथकड़ी लगा दी गई। चलती ट्रेन से जब विनोद कूदा तो हथकड़ी की वजह से ही अनियंत्रित होकर गिरा और सिर में चोट लगने की वजह से वहीं गिर गया। पुलिस जब ढूंढने पहुंची तो जहां वह कूदा था, वहीं पड़ा मिला।