Prayagraj Junction : रेल कोच रेस्टोरेंट पर लगा पर्दा, उत्तर भारत का पहला स्लीपिंग पॉड भी बंद
प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में बनाया गया उत्तर भारत का पहला स्लीपिंग पॉड बंद कर दिया गया है। यहां स्लीपिंग पॉड हटाए जाने का कार्य शुरू हो गया है। इतना ही नहीं सिविल लाइंस साइड में बनाया रेल कोच रेस्टोरेंट भी बंद कर दिया गया है।
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प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में बनाया गया उत्तर भारत का पहला स्लीपिंग पॉड बंद कर दिया गया है। यहां स्लीपिंग पॉड हटाए जाने का कार्य शुरू हो गया है। इतना ही नहीं सिविल लाइंस साइड में बनाया रेल कोच रेस्टोरेंट भी बंद कर दिया गया है। रेल कोच रेस्टोरेंट संचालक ने वहां अपनी सेवा बंद करने के साथ ही वहां पर्दा भी लगा दिया है। बताया जा रहा है कि उम्मीद के मुताबिक कमाई न होने की वजह से स्लीपिंग पॉड और रेल कोच रेस्टोरेंट बंद किए जाने का कदम उठाया गया है।
प्रयागराज जंक्शन पर पिछले वर्ष 19 जुलाई को ही उत्तर भारत का पहला स्लीपिंग पॉड खोला गया था और इसकी खूब ब्रांडिंग भी हुई थी। महाकुंभ शुरू होने के पूर्व रेलवे द्वारा उपलब्ध कराई गईं तमाम यात्री सुविधाओं में स्लीपिंग पॉड को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया। महाकुंभ के दौरान भी यहां काफी यात्री ठहरे, लेकिन महाकुंभ संपन्न होते ही यहां सन्नाटा पसर गया। संचालक के लिए रोज का खर्च भी निकालना मुश्किल हो गया। उसने किराया कम करने की गुहार भी लगाई, लेकिन राहत न मिलने पर स्लीपिंग पॉड बंद करने का निर्णय लिया।
अब यहां स्लीपिंग पॉड को हटाए जाने का कार्य भी शुरू हो गया है। उक्त संचालक द्वारा कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बनाया गया स्लीपिंग पॉड भी बंद कर दिया गया है। इसी तरह रेल कोच रेस्टोरेंट भी 21 मई 2024 को खोला गया था। शुरुआत में रेल कोच रेस्टोरेंट को लेकर लोगों में खासा क्रेज भी रहा। खूब रील भी लोगों ने बनाईं, लेकिन बाद में लोगों की कम आवाजाही के चलते संचालक द्वारा इसे बंद कर दिया। बाद में उसके लिए दोबारा टेंडर हुआ।
जिस फर्म को रेल कोच रेस्टोरेंट पहले मिला था, उसे ही कम शुल्क पर दोबारा इसका आवंटन किया गया। महाकुंभ के दौरान इसका संचालन हुआ, लेकिन 26 मार्च के बाद इसे अचानक बंद कर दिया गया। इसे बंद करने की वजह भी यात्रियों की कम आवाजाही बताई जा रही है।
रेल कोच रेस्टोरेंट जिस स्थान पर बनाया गया है, वहां यात्रियों की कम आवाजाही होती है। इस वजह से हम रोज का खर्च नहीं निकाल पा रहे थे। इसके चलते इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसे अच्छी लोकेशन पर शिफ्ट करने की जरूरत है। - पर्वत सिंह यादव, संचालक, रेल कोच रेस्टोरेंट
महाकुंभ में ही स्लीपिंग पॉड ठीक से चला, लेकिन बीते एक माह से यहां गिने चुने लोग ही रुकने के लिए आ रहे थे। इस वजह से नुकसान हो रहा था। प्रयागराज और कानपुर दोनों ही जगह स्लीपिंग पॉड बंद कर दिए गए हैं। - अमृतेश्वर सिंह, संचालक, स्लीपिंग पॉड
महाकुंभ तक स्लीपिंग पॉड और रेल कोच रेस्टोरेंट का बड़ी संख्या में लोगों ने उपयोग किया। इससे इन दोनों ही जगह पर्याप्त कमाई संबंधित फर्म ने की। जो लागत थी उससे ज्यादा उनकी कमाई हुई। ऐसे में यहां दोनों फर्म फायदे में ही रहीं। - हिमांशु शुक्ला, सीनियर डीसीएम, प्रयागराज मंडल