प्रयागराज : भ्रष्टाचार के आरोपों में इंडियन गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रबंधन तंत्र भंग
शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने मामले को विधानपरिषद में उठाया था। सभी आरोपों पर प्रबंधन से अपना पक्ष रखने का समय दिया। इसके बाद शासन ने प्राप्त प्रत्यावेदन और प्रबंधन का पक्ष शिक्षा निदेशक माध्यमिक को सौंपते हुए संस्तुति सहित रिपोर्ट मांगी।
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वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में इंडियन गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधन तंत्र को भंग कर दिया गया है। प्रबंधन तंत्र पर छात्राओं से नि:शुल्क शिक्षण की व्यवस्था के बाद भी विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूलने, शिक्षिकाओं से जबरन वसूली और अभद्रता समेत अनेक लगे थे। इस मामले को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन किया था।
शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने मामले को विधानपरिषद में उठाया था। सभी आरोपों पर प्रबंधन से अपना पक्ष रखने का समय दिया। इसके बाद शासन ने प्राप्त प्रत्यावेदन और प्रबंधन का पक्ष शिक्षा निदेशक माध्यमिक को सौंपते हुए संस्तुति सहित रिपोर्ट मांगी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक की रिपोर्ट पर शासन ने प्रंबधन तंत्र को भंग करते हुए उपजिलाधिकारी सदर को प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किया है।
प्रबंधन पर लगे हैं ये 14 आरोप
इंडियन गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधन तंत्र पर यह आरोप लगा था कि शिक्षिकाओं से बिजली बिल के नाम, वार्षिक समारोह, जन्मदिन और बाल मेले में लकी ड्रा के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। एक शिक्षिका से एक लाख रुपये की मांग की गई थी। रुपये न देने पर शिक्षिका को प्रताड़ित किया जा रहा था। विभिन्न परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाली शिक्षिकाओं को मिलने वाला पारिश्रमिक भी हड़प लिया जाता था।
इसके अलावा शिक्षिकाओं को जबरन विद्यालय में बुलाकर बैठाए रखना,जबरन शिक्षिकाओं को पैर छूने के लिए बाध्य करना, अनियमित कार्य न करने पर अपमानित करना, समय पर चयन वेतन एवं प्रोन्नत वेतनमान न लगाना आदि। इसके अलावा छुट्टी के बाद शिक्षिकाओं को स्कूल बुला लिया जाता था। एक मामले में गवाह शिक्षिका को दबाव बनाने के लिए जबरन निलंबित कर दिया गया था।
विद्यालय को समय से आधा घंटे पहले बंद कर देना। इतना ही नहीं सांसद निधि से बाथरूम निर्माण के दो लाख रुपये प्रदान किया गया था। प्रबंधन तंत्र ने बाथरूम बनवाने के नाम पर शिक्षिकाओं से 25-25 हजार रुपये लिए। इसके बाद नया बाथरूम बनवाने के बजाय पुराने का मरम्मत कराकर पूरी धनराशि हड़प ली गई।2018 में विद्यालय के खाते में ड्रेस वितरण की धनराशि आई। लेकिन ड्रेस वितरित न कर पूरी रकम हड़प कर ली गई। फर्जी छात्र संख्या दिखाकर एमडीएम की धनराशि विभाग द्वारा प्राप्त की गई।
जांच के डर से 26 फरवरी 2019 को फर्जी छात्रों के नाम काट दिए गए। विद्यालय में समाचार पत्र नहीं आता, लेकिन समाचार पत्रों की फर्जी रसीदे बनवाकर रकम विद्यालय के खाते से ली गई। मेधावी छात्राओं को एक संस्था के द्वारा पुरस्कृत किए जाने पर दो छात्राओं की पूरी धनराशि हड़प ली गई। विद्यालय के एफडी में जमा धनराशि प्रधानाचार्य के खाते में जमाकर जुलाई 2018 में ले ली गई। इसे विद्यालय के विकास में खर्च नहीं किया गया। बल्कि निजी खर्च में इस्तेमाल किया गया। जिसका विवरण विद्यालय में नहीं मिला।
पुत्रवधू के अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाती थीं सरकारी शिक्षिकाएं
यह भी आरोप है कि प्रबंधक अपनी पुत्रवधू के माध्यम से एक से कक्षा आठ तक का अंग्रेजी माध्यम विद्यालय चलाया जाता है। इसमें जबरन सरकारी स्कूल की शिक्षिकाओं से पढ़वाया जाता था, जो घोर अनियमितता की श्रेणी में आता है।